शक्ति, आस्था और समझौते की राजनीति: भारत एक निर्णायक मोड़ परBy SmgrabharatDecember 27, 2025 पूनम शर्मा जब प्रतीक राजनीति बन जाते हैं वैश्विक राजनीति में कोई भी प्रतीक तटस्थ नहीं होता। जब कोई प्रधानमंत्री चर्च जाता है या मोमबत्ती जलाता…