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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को राहुल गांधी पर फिर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस नेता का अपनी ‘‘अभद्र’’ टिप्पणियों के लिए ओबीसी समुदाय से माफी मांगने से इनकार करना गांधी परिवार के राजनीतिक अहंकार का एक और उदाहरण है.
संसद के दोनों सदनों में अदाणी मुद्दे की सयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने और भारतीय लोकतंत्र पर राहुल गांधी की टिप्पणी के मुद्दे को लेकर आज दसवे दिन भी गतिरोध जारी रहा।
राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने मानहानि मामले में राहुल गांधी को दो साल की सजा को ‘अत्यधिक’ बताया है. बीजेपी को अटल बिहारी वाजपेयी का उदहारण देते हुए कहा कि केंद्र सरकार और बीजेपी को राहुल गांधी के प्रति बड़ा दिल दिखाना चाहिए था…
एआईबीए ने राहुल गांधी के खिलाफ सूरत कोर्ट के फैसले का किया स्वागत, कहा-लोकसभा सचिवालय ने की जल्दबाजी
ऑल इंडिया बार एसोसिएशन (एआईबीए) ने रविवार को कहा कि लोकसभा सचिवालय ने जल्दबाजी में काम किया और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराने के फैसले में गलती की।
राहुल गांधी की सांसदी जाने के बाद कांग्रेस ने हल्ला बोल दिया है। पार्टी के कार्यकर्ता देशभर में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
सूरत कोर्ट ने मानहानि के मामले में राहुल गांधी को दोषी करार देते हुए 2 साल की सजा दी है जिसके बाद कांग्रेस नेता की संसद सदस्यता रद्द हो गई है।
कांग्रेस ने राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराए जाने के बाद कहा कि वह कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ेगी और बिना खामोश हुए ‘अडाणी महाघोटाले’ पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने की मांग करती रहेगी.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे-नीत शिवसेना ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उपनाम पर टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सजा सुनाये जाने का स्वागत किया.
गुजरात में सूरत की एक अदालत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मोदी सरनेम को लेकर की गई टिप्पणी पर 2019 में दर्ज आपराधिक मानहानि मामले में दोषी करार दिया है।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को सूरत की अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद अगर ऊपरी न्यायालयों द्वारा उनकी सजा का निलंबन नहीं किया जाता है, तो उन्हें एक सांसद के रूप में अयोग्यता का सामना करना पड़ सकता है और वह चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे।
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