Browsing: रूस

अंतरिक्ष में चीन और रूस की बढ़ती दखलअंदाजी से चिंतित अमेरिका ने अपने स्पेस कमांड को मजबूत करने का काम तेज कर दिया है।

सड़क और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर भारत-रूस वर्किंग ग्रुप की पहली बैठक 28 मार्च, 2023 को नई दिल्ली में आयोजित की गई। वर्किंग ग्रुप की स्थापना सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय और रूसी संघ के परिवहन मंत्रालय के बीच समझौता ज्ञापन के तहत सितंबर 2021 में हुई थी।

रूस और यूक्रेन के बीच बीते 1 साल से जारी जंग के कारण कई पश्चिमी देशों ने रूस में शराब की बिक्री बंद कर दी है। इससे रूस की 70 हजार से ज्यादा शराब दुकानों और लगभग 20 हजार बार की बिक्री पर बुरा प्रभाव पड़ा है।

ओडिशा के रायगढ़ से एक बेहद हैरान कर देने वाली खबर सामने आ आई हैं। यहां भारत घूमने आए दो रूसी पर्यटकों की एक हफ्ते के अंदर मौत हो गई। बताया गया है कि रूस के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले नेता पावेल एंतोव की शनिवार को ओडिशा के एक होटल में अपने कमरे की खिड़की से गिर कर मौत हुई।

व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, प्रौद्योगिकीय व सांस्कृतिक सहयोग पर भारत-रूस अंतर सरकारी आयोग के आधुनिकीकरण तथा औद्योगिक सहयोग पर भारत रूस कार्य समूह का 9वां सत्र 23 दिसंबर, 2022 को नई दिल्ली में आयोजित हुआ।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्यमंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा है कि रूस के राजकीय नाभिकीय ऊर्जा निगम रोसाटोम ने कुडनकुलम नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र के लिये अधिक उन्नत ईंधन विकल्प की पेशकश की है।

एक तरफ जहां रूस यूक्रेन युद्ध की कीमत पूरी दुनिया चुका रही है और अधिकतर देशों की अर्थव्यवस्था लड़खड़ा रही है, उन्हें काफी नुकसान हो रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ एक देश ऐसा भी है जिसे इस युद्ध से फायदा पहुंच रहा है और उसकी अर्थव्यवस्था ऊपर जा रही है.

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने रूसी संघ के रक्षा मंत्री श्री सर्गेई शोइगु के अनुरोध पर दिनांक 26 अक्टूबर, 2022 को टेलीफोन पर बातचीत की । टेलीफोन पर हुए इस संवाद के दौरान दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के साथ-साथ यूक्रेन में बिगड़ती स्थिति पर चर्चा की ।

रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के जहां सात महीने से ज्यादा का वक्त गुजर गया है तो वहीं अब युद्ध बेहद संगीन मोड़ पर पहुंच चुका है. इस बीच G-7 की ताजा इमरजेंसी मीटिंग में जी-7 देशों ने रूस को धमकी दी है कि अगर यूक्रेन पर केमिकल, बायोलॉजिकल या न्यूक्लियर अटैक हुआ तो बहुत बुरे अंजाम भुगतने पड़ेंगे.