Browsing: शत्-शत् नमन
बीसवीं सदी के महानतम संत परमहंस स्वामी सत्यानंद सरस्वती क्या फिर भौतिक शरीर धारण कर चुके हैं? यानी, उनका पुनर्जन्म हो चुका है? हम कैसे पहचानेंगे उन्हें? इस तरह के न जाने कितने ही सवाल उस महान संत के अनुयायियों के जेहन में अक्सर कौंधते रहते हैं। और ऐसा अकारण ही नहीं है। जन्मशताब्दी वर्ष पर इसी आलोक में प्रस्तुत है यह आलेख।
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 20जुलाई। अंग्रेजी शासन के विरुद्ध चले लम्बे संग्राम का बिगुल बजाने वाले पहले क्रान्तिवीर मंगल पांडे का जन्म 30 जनवरी, 1831…
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 20जुलाई। ऊधमसिंह का जन्म ग्राम सुनाम ( जिला संगरूर, पंजाब) में 26 दिसम्बर, 1899 को सरदार टहलसिंह के घर में हुआ…
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 18जुलाई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संगठन में रीढ़ की भूमिका निभाने वाले बलवंत परशुराम (बाल) आप्टे का जन्म 18 जनवरी,…