Browsing: शुभ मुहूर्त

हिंदू धर्म में सोम प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है और इस दिन भगवान शिव और उनके परिवार का पूजन होता है. प्रदोष व्रत का मतलब है कि इस दिन शाम के समय पूजन किया जाता है और लोग भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए व्रत करते हैं. सो

हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष कार्तिक माह की अमावस्या तिथि के दिन दिवाली का त्योहार मनाया जाता है. इसके बाद गोवर्धन पूजा होती है और फिर अगले दिन भैया दूज का त्योहार आता है. लेकिन इस बार इन सभी त्योहारों की तारीख में बड़ा फेरबदल हुआ है जिसकी वजह से लोग काफी कंफ्यूज हैं.

हिंदू धर्म में दिवाली का बहुत अधिक महत्व होता है। हर किसी को इस महापर्व का साल भर इंतजार रहता है। धूमधाम से मनाए जाने वाले त्योहार दीपावली की शुरुआत धनतेरस से हो जाती है। धनतेरस का पर्व छोटी दिवाली से एक दिन पहले मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की तेरहवीं या त्रयोदशी तिथि पर धनतेरस का पर्व मनाया जाता है।

धनतेरस को धन त्रयोदशी के नाम से भी जानते हैं. इस दिन देवाताओं के वैद्य धन्वंतरी की जयंती मनाई जाती है और लोग शुभ मुहूर्त में सोना, चांदी या अन्य वस्तुओं की खरीदारी करते हैं, जो उनके लिए उन्नतिदायक सिद्ध होता है. धनतेरस का त्योहार हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी​ तिथि को मनाते हैं. इस साल धनतेरस कब है? इस पर त्रयोदशी तिथि के प्रारंभ और समापन के समय के कारण असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है.

हिंदू धर्म में हर साल कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन करवा चौथ का व्रत रखा जाता है और सुहागिन महिलाओं के लिए यह व्रत बेहद ही खास है. इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए निर्जला व्रत करती हैं. इस व्रत में चंद्रमा का विशेष महत्व है क्योंकि व्रत का पारण च्रंदोदय के बाद ही किया जाता है.

नवरात्रि में 9 दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों का पूजन किया जाता है और इसके बाद 10वें दिन दशहरा का त्योहार मनाया जाता है. दशहरा हिंदू धर्म का लोकप्रिय त्योहार है जो कि लोगों को बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है. इस दिन मेले का आयोजन होता है रावण दहन किया जाता है. कई जगहों पर दशहरा को विजय दशमी के नाम से भी जाना जाता है और इस बार यह त्योहार 5 अक्टूबर 2022, बुधवार के दिन मनाया जाएगा.

शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन 27 सितंबर 2022, मंगलवार को है। नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है।

विश्वकर्मा के दिन कारखानों में मशीनों की पूजा की जाती है और भगवान विश्वकर्मा से प्रार्थना की जाती है कि व्यापार व नौकरी में तरक्की होती रहे. बता दें कि विश्वकर्मा पूजा हर साल कन्या संक्रांति के दिन की जाती है।

हिंदू धर्म में जीवित्पुत्रिका व्रत का विशेष महत्व है। इसे जितिया या जिउतिया व्रत के नाम से भी जानते हैं। इस व्रत को विवाहित महिलाएं अपने संतान की लंबी आयु की कामना और खुशहाली के लिए करती हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जीवित्पुत्रिका व्रत रखा जाता है। यह त्योहार तीन दिन तक चलता है। पहले दिन नहाए खाय, दूसरे दिन निर्जला व्रत और तीसरे दिन व्रत पारण किया जाता है।

हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश जी स्थापना की जाती है और 10 दिनों तक विधि-विधान से उनका पूजन किया जाता है. लोग डेढ़ दिन, 3, 5, 7 या 10 दिन के लिए घरों में गणपति की स्थापना करते हैं और इसके बाद विधि-विधान के साथ उन्हें विदा किया जाता है. गणपति की इस विदाई को गणेश विसर्जन कहा जाता है.