Browsing: संजय अरोरा

दिल्ली पुलिस का आखिरकार हृदय परिवर्तन हो ही गया. अब सही मायने में उसे ‘दिल की पुलिस’ कहा जा सकता है.अब बिना किसी भेदभाव के वह सभी को एक ही नजर से देखने लगी है. एक ही लाठी से वह अब सब को हांक रही है.

चोर की दाढ़ी में तिनका यह कहावत, दिल्ली के कुछ दलाल/दरबारी क्राइम रिपोर्टरों/ पत्रकारों पर लागू होती है.
मैंने हाल ही में अपना एक लेख साझा किया.