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पूनम शर्मा “पढ़ाई तो हो गई, पर इंसान नहीं बने! आज हम उस दौर में जी रहे हैं जहाँ युवा पीढ़ी पहले से कहीं अधिक शिक्षित,…
आज का भगवद् चिंतन मानव जीवन के संस्कारों की प्रथम पाठशाला का नाम ही परिवार है। संस्कारों से परवरिश और…
“संस्कृत से संस्क़ृति और संस्क़ृति से संस्कार ‘क्यो है यह देव भाषा ??
“यदि भारत को नष्ट करना है तो संस्कृत को नष्ट कर दो। भारत खुद ब खुद बेमौत मर जायेगा” ।
दक्षिण भारत में एक महान सन्त हुए तिरुवल्लुवर। वे अपने प्रवचनों से लोगों की समस्याओं का समाधान करते थे। इसलिए उन्हें सुनने के लिए दूर-दूर से लोग उनके पास आते थे।
53वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के दौरान ‘सांस्कृतिक विविधता की प्रस्तुति और नए बाजारों की पहचान’ विषय पर टी त्यागराजन के साथ अपने वार्तालाप में ऋषभ शेट्टी ने कहा “भारत एक कृषि आधारित देश है; हमारे संस्कार, मान्यताएं, जीवन पद्धति कृषि पर आधारित है।
एक बार एक राजा अपने सहचरों के साथ क्रीड़ा करने जंगल में गया था।वहाँ किसी कारण से एक दूसरे से बिछड गये और एक दूसरे को खोजते हुये राजा एक नेत्रहीन संत की कुटिया में पहुँचकर अपने विछडे हुये साथियों के बारे में पूंछा।नेत्रहीन संत ने कहा महाराज सबसे पहले आपके सिपाही गये हैं,बाद में आपके मंत्री गये,अब आप स्वयं पधारे हैं।इसी रास्ते से आप आगे जायें तो मुलाकात हो जायेगी।
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 14जुलाई। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडु ने बच्चों के व्यापक विकास व राष्ट्र के एक सुरक्षित भविष्य के निर्माण के लिए समग्र…
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 4जून। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी आज माननीय राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद के साथ कानपुर के परौंख गांव में पथरी माता मंदिर…