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उपराष्ट्रपति तथा राज्य सभा के सभापति श्री जगदीप धनखड़ ने आज जयपुर में 83वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन का उद्घाटन किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को मध्य प्रदेश के इंदौर में 17वें प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) सम्मेलन का उद्घाटन किया।

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, 11 जनवरी 2023 को, जयपुर में आयोजित हो रहे 83वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे।

प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) सम्मेलन भारत सरकार का प्रमुख कार्यक्रम है। यह विदेशों में रहने वाले भारतीयों के साथ जुड़ने और सम्‍पर्क स्‍थापित करने तथा प्रवासी भा‍रतीयों को एक-दूसरे के साथ बातचीत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो संदेश के माध्यम से जल पर पहले अखिल भारतीय वार्षिक राज्य मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित किया।

इंदौर में होने वाला प्रवासी भारतीय सम्मेलन लगभग पूरा हो गया है। पूरे शहर को खूबसूरती से सजाया गया है। 7 जनवरी से मेहमानों का आगमन शुरू हो जाएगा, ऐसे में हर विभाग अपने-अपने स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगा है.

भारत सरकार का गृह मंत्रालय 18 और 19 नवंबर को नई दिल्ली में तीसरे मंत्रिस्तरीय ‘नो मनी फॉर टेरर’ सम्मेलन का आयोजन कर रहा है।

एक शीर्ष स्तरीय द्विवार्षिक कार्यक्रम के अंतर्गत सेना कमांडरों के सम्मेलन का आयोजन 7 से 11 नवंबर 2022 तक नई दिल्ली में किया जा रहा है। इस आयोजन के दौरान, भारतीय सेना का शीर्ष नेतृत्व मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य और वर्तमान सुरक्षा तंत्र के लिए चुनौतियों के सभी पहलुओं पर व्यापक विचार-विमर्श कर रहा है।

केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने केरल के कोच्चि में 15वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया (यूएमआई) सम्मेलन और एक्सपो 2022 के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अर्बन मोबिलिटी इंडिया सम्मेलन और प्रदर्शनी के इस 15वें आयोजन की मेजबानी के लिए कोच्चि उपयुक्त स्थान है, क्योंकि इसने शहरी क्षेत्रों में निर्बाध सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए खुद को एक अनुकरणीय शहर के रूप में प्रतिष्ठित किया है।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री, उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने गुरूवार को कहा कि भारत को गुणवत्ता के प्रति जागरूक राष्ट्र बनने की जरूरत है और वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की नींव तैयार करने की प्रक्रिया के अभिन्न अंग के रूप में गुणवत्ता को महत्त्व देने की आवश्यकता है।