Browsing: स्वर्णिम छटा

हे युगपुरुष,  हे पथ प्रदर्शक, गौरव भरा जिसका सफर! अपूर्णता में पूर्णता, हर भाव तेरा था निडर! उन्मुक्त पंछी बन गगन का, चीर कर काली घटा,…