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पार्थसारथि थपलियाल भारतीय चिंतन परंपरा में ईश्वर की उपस्थिति सर्वत्र मानी गई गई। ईशोपनिषद में कहा गया है कि “ईशावास्यमिदं सर्वं यदकिंचिदजगत्यां जगत” .. संसार की…