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“हमें अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास करना होगा ताकि महामारी की स्थिति में उनके लचीलेपन को सुनिश्चित कर देश के सुदूर इलाकों में किफायती स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच प्रदान करने की उनकी क्षमता का उपयोग किया जा सके”।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने नागालैंड के कोहिमा में नागालैंड इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (एनआईएमएसआर) का उद्घाटन किया।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज यहां विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सम्मेलन में अपने संबोधन में कहा, “मानसिक स्वास्थ्य एक सार्वभौमिक मानव अधिकार है।”
केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने हाल में देश भर में डेंगू के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए डेंगू की स्थिति और उसकी रोकथाम, नियंत्रण और प्रबंधन के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
केन्द्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री तथा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया भारत में फार्मा-मेडटेक क्षेत्र में अनुसंधान और विकास और नवाचार पर राष्ट्रीय नीति और फार्मा में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए योजना का शुभारंभ करेंगे।
“वर्तमान में देश भर में 1.60 लाख से अधिक प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र (पीएमकेएसके) काम कर रहे हैं। इन पीएमकेएसके का उद्देश्य 2 लाख से अधिक ऐसे केंद्रों का ‘वन-स्टॉप शॉप’ नेटवर्क तैयार करना है, ताकि किसानों को खेती और कृषि प्रथाओं के बारे में अपना ज्ञान बढ़ाने के लिए गुणवत्तापूर्ण उत्पादों तक पहुंच प्राप्त हो सके।”
“हम पश्चिम बंगाल के सभी नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार राज्य के सभी नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
केंद्रीय रसायन और उर्वरक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने देश में उर्वरकों के इस्तेमाल व उनकी उपलब्धता पर राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ बातचीत की।
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 17 अगस्त। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज गांधीनगर में केन्द्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण…
भारत 2050 तक चिकित्सा प्रौद्योगिकी और उपकरणों के क्षेत्र में 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने के अनुमान के साथ वैश्विक केंद्र बनने के लिए पूर्ण रूप तैयार है।