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भारत का डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र पिछले एक दशक में तेजी से विकसित हुआ है, जिसमें UPI (Unified Payments Interface) ने केंद्रीय भूमिका निभाई है। पीआईबी…
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली,28अगस्त। आज से 10 साल पहले, 28 अगस्त 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनधन योजना की शुरुआत की थी, जिसे देश…
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के एशिया और प्रशांत विभाग (एपीडी) के सहयोग और आईएमएफ के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता केंद्र (एसएआरटीटीएसी) के समर्थन से नई दिल्ली में ‘डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना: वित्तीय समावेशन और उत्पादकता बढ़ाने में मददगार’ विषय पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी की मेजबानी की।
वित्तीय समावेशन की अपनी पहलों के जरिए, वित्त मंत्रालय हाशिए पर रहने वाले और अब तक सामाजिक-आर्थिक रूप से उपेक्षित वर्गों का वित्तीय समावेशन करने और उन्हें सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। वित्तीय समावेशन (एफआई) के माध्यम से हम देश में एक समान और समावेशी विकास को हासिल कर सकते हैं। वित्तीय समावेशन का मतलब है- कमजोर समूहों जैसे निम्न आय वर्ग और गरीब वर्ग, जिनकी सबसे बुनियादी बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच नहीं है, उन्हें समय पर किफायती दर पर उचित वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराना।
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 27फरवरी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से वित्तीय सेवाओं से संबंधित बजट प्रावधानों को कारगर तरीके से…