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समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 6फरवरी। भारतीय रेल की पीएसयू, इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) ने एक विशेष रूप से विकसित वेबसाइट www.catering.irctc.co.in…

भारतीय रेल के मौजूदा उच्च घनत्व वाले मार्गों पर और अधिक रेलगाडियां चलाने के लिए लाइन क्षमता बढ़ाने हेतु, स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग (एबीएस) एक किफायती उपाय है। भारतीय रेल मिशन मोड पर स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग की शुरूआत कर रहा है। एबीएस को 2022-23 के दौरान 268 आरकेएम पर अधिकृत किया गया है।

रेलवे अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि कोहरे के कारण कई ट्रेनों के लेट होने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, हैदराबाद-नई दिल्ली एक्सप्रेस, कालका-हावड़ा नेताजी एक्सप्रेस, गया-नई दिल्ली महाबोधि एक्सप्रेस और पुरी-नई दिल्ली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस 1:30 घंटे की देरी से चल रही थी.

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भारतीय रेलवे के परिवीक्षाधीनों (प्रोबेशनर) ने आज (16 दिसंबर, 2022) को राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की

भारतीय रेल यात्रियों की सुविधा के लिए लगातार प्रयासरत है, इसी कड़ी में रेलवे ने डायबिटीज रोगियों के लिए अलग से खाने का प्रबंध करा रहा है, इसके लिए आपको टिकट के साथ पहले से खाना बुक कराना होगा. इसके साथ ही बच्चों के लिए बेबी फूड भी मुहैया कराया जाएगा और इसके लिए भी टिकट के साथ खाना बुक कराना होगा.

गुजरात में वंदे भारत ट्रेन के मवेशियों से टकराने के मद्देनजर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने महाराष्ट्र के पालघर में रेल मार्ग से लगे गांवों के सरपंचों को नोटिस जारी करना शुरू किया है. इसमें उनसे पटरी के पास आवारा पशुओं को नहीं जाने देने को कहा गया है.

त्योहारों के इस मौसम के दौरान, रेलवे स्टेशनों और गाड़ियों में यात्रियों की संख्या में कई गुना वृद्धि देखी जा रही है। इस बढ़ी हुई भीड़ के कारण उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए, भारतीय रेल ने रेलवे स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने व अनुशासित करने के लिए कई उपाय किए हैं।

भारतीय रेलवे, कर्मचारीयों के लिए प्रतिबद्धता और उनके कल्याण के मामलों में हमेशा सबसे आगे रहा है। मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) भारतीय रेलवे के लगभग 12 लाख सुदृढ़ कार्यबल को पूरा करने वाली सबसे महत्वाकांक्षी पहलों में से एक है। डिजिटलीकरण के साथ पास सुविधा, सेवानिवृत्ति पर अंतिम निपटान और स्थानांतरण मामलों को एचआरएमएस के जरिए पहले से ही किया जा रहा है। इस तरह की पहल के चलते मानव संसाधन कार्यक्षेत्र के प्रदर्शन सूचकांकों में एक स्पष्ट परिवर्तन हुआ है।