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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 10 और 11 नवंबर, 2022 को ओडिशा का दौरा करेंगी। राष्ट्रपति के रूप में राज्य का यह उनका पहला राजकीय दौरा होगा।
अमेरिका में आज मिड-टर्म इलेक्शन यानी मध्यावधि चुनाव होने जा रहा है. इसके लिए लाखों अमेरिकी आज मतदान करेंगे. चुनाव पर अमेरिका के साथ-साथ पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है. मध्यावधि चुनाव सत्तारूढ़ जो बाइडेन (Joe Biden) के साथ-साथ डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के लिए भी एक अग्निपरीक्षा है.
ताइवान और ब्रिटेन के बीच चल रही ट्रेड वार्ता के बीच नाराज चीन ने अपनी सेना को युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा है. राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने देश की ‘तेजी से अस्थिर और अनिश्चित’ सुरक्षा का हवाला देते हुए मंगलवार को कहा है कि चीन, युद्ध की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करेगा.
राष्ट्रपति मुर्मु और उपराष्ट्रपति धनखड़ ने गुरु नानक देव जी के जन्मदिवस पर देशवासियों को बधाई दी है।
राष्ट्रपति ने कहा, “गुरु नानक देव जी के जन्म दिवस के अवसर पर देश तथा विदेश में रह रहे सभी देशवासियों और विशेष रूप से सिख भाइयों एवं बहनों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन में नर्सिंग पेशेवरों को वर्ष 2021 के लिए राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान किए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को सिक्किम पहुंची। एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू स्थानीय लोगों के साथ कदम-ताल मिलाती नजर आईं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मिजोरम की अपनी यात्रा के दौरान शुक्रवार को आइजोल में भारतीय जनसंचार संस्थान (उत्तर-पूर्व) के स्थायी उत्तर-पूर्वी परिसर का उद्घाटन किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 4 नवंबर, 2022 को गंगटोक में सिक्किम सरकार की ओर से उनके सम्मान में आयोजित नागरिक स्वागत समारोह में शामिल हुईं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज आइजोल में मिजोरम विधानसभा सदस्यों को सम्बोधित किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मिजोरम की अपनी यात्रा पर वर्चुअल माध्यम के जरिए मिजोरम विश्वविद्यालय में स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) उत्तर पूर्वी परिसर का उद्घाटन किया। आईआईएमसी, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संस्थान है।
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समग्र भारत.!!!एक नाम है विचार का ,समाचार का ,आन्दोलन का ,समग्रता का ,समग्रता में अनेकता का,वैश्विक भारत का और हमारी राष्ट्र भाषा –राज भाषा हिंदी को विश्व पटल पर स्थापित करने का.सबको पता है कि हिंदी की आजीवन वकालत हमारे भारत के उपराष्ट्रपति श्री भैरों सिंह शेखावत ने की थी.उनके ही परिकल्पना के अनुसार और उनके आशीर्वाद से हमारी टीम ने “समग्र भारत” का प्रकाशन वर्ष २००३ में शुरू किया गया था.जो आज भी कई प्रकार के संघर्षों के वावजूद अनवरत जारी है.
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