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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से बोलते हुए याद दिलाया कि भारत की विश्व रैंकिंग 2014 में 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से सुधर कर आज 2023 में 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है।
एक गौरवान्वित राष्ट्र देशभक्ति के उत्साह के साथ अपना 77वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। देश भर से आमंत्रित ‘विशेष अतिथि’ लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ऐतिहासिक संबोधन के साक्षी बने।
77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से अपने संबोधन में कहा कि आने वाले महीने में विश्वकर्मा जयन्ती पर विश्वकर्मा योजना लॉन्च की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से अपने भाषण के दौरान एक शानदार, युवाओं और देश को उत्साहित करने वाली कविता पढ़ी.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘जिज्ञासा’ के विजेताओं को बधाई दी है – जो भारत की प्राचीन सभ्यता के मूल्यों, उसकी संस्कृतियों के विकास, समृद्ध अतीत और लोकाचार के गौरवशाली समागम के बारे में 17 भाषाओं में 10 लाख से अधिक बार खेली गई दुनिया की सबसे बड़ी क्विज़ में से एक है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तेलुगु, संस्कृत विद्वान कंडलकुंटा अलाहा सिंगाराचार्युलु के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
पीएम-किसान समृद्धि केंद्र, अर्थव्यवस्था और किसानों को सशक्त बनाने के लिए गेम-चेंजर हैं: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पीएम-किसान समृद्धि केंद्र (पीएमकेएसके) के महत्व के बारे में केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का एक लेख साझा किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1947 में हुए भारत के विभाजन और उस दौरान हुए लोगों के कष्ट और संघर्ष को याद करते हुए उन लोगों को नमन किया है, जिनका जीवन देश के बंटवारे की बलि चढ़ गया था।
ब्रिटेन के सुरक्षा मंत्री टॉम टुगेंडहट ने कोलकाता में आयोजित जी-20 भ्रष्टाचार विरोधी मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान भारत के अपने समकक्ष डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की और “द्विपक्षीय” बैठक की। उनके साथ ब्रिटिश सरकार का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी था।
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समग्र भारत.!!!एक नाम है विचार का ,समाचार का ,आन्दोलन का ,समग्रता का ,समग्रता में अनेकता का,वैश्विक भारत का और हमारी राष्ट्र भाषा –राज भाषा हिंदी को विश्व पटल पर स्थापित करने का.सबको पता है कि हिंदी की आजीवन वकालत हमारे भारत के उपराष्ट्रपति श्री भैरों सिंह शेखावत ने की थी.उनके ही परिकल्पना के अनुसार और उनके आशीर्वाद से हमारी टीम ने “समग्र भारत” का प्रकाशन वर्ष २००३ में शुरू किया गया था.जो आज भी कई प्रकार के संघर्षों के वावजूद अनवरत जारी है.
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