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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (जीआरईएफ) कर्मियों के लिए उपलब्ध ‘नश्वर अवशेषों के संरक्षण और परिवहन’ के मौजूदा प्रावधानों को कैजुअल वेतनभोगी श्रमिकों (सीपीएल) तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है।

चंद्रयान-3 की सफलता कोई अपवाद नहीं है, बल्कि भारत की सामाजिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक प्रवृत्ति के विकास का परिणाम है। यह बात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में चंद्रयान-3 मिशन की सफलता और अंतरिक्ष क्षेत्र में देश की अन्य उपलब्धियों पर हो रही चर्चा के दौरान कही।

भारत सरकार ने एनजीओ/निजी स्कूलों/राज्य सरकारों के साथ साझेदारी में छठी कक्षा से कक्षा-वार आधार पर 100 नए सैनिक स्कूल स्थापित करने की पहल को मंजूरी दे दी है।

रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने लगभग 45,000 करोड़ रुपये के नौ पूंजी अधिग्रहण प्रस्तावों के लिए आवश्यकता की स्वीकृति (एओएन) प्रदान की है। इसके लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को डीएसी की बैठक हुई थी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश के रक्षा निर्माताओं से भारत को लगातार विकसित हो रही दुनिया के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) में अधिक निवेश करने का आग्रह किया है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज जम्‍मू डिविजन के सांबा जिले से सीमा सड़क संगठन – बी आर ओ द्वारा विकसित 90 महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं के निर्माण में 29 अरब 41 करोड़ रूपए की लागत आई है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 02 और 03 सितंबर, 2023 को श्रीलंका की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान राजनाथ सिंह श्रीलंका के राष्ट्रपति एवं रक्षा मंत्री रानिल विक्रमसिंघे और प्रधानमंत्री दिनेश गुणवद्धने के साथ बातचीत करेंगे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि आने वाले वर्षों में भारत को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में सहकारी क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

केन्या के रक्षा मामलों के कैबिनेट सचिव अदन बेयर डुले भारत की तीन दिन की यात्रा पर आज नई दिल्ली पहुंचे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कल केन्या के अपने समकक्ष अदन बेयर डुले के साथ वार्ता करेंगे।

पिछले नौ वर्षों में रक्षा क्षेत्र ने आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में काफी प्रगति की है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के प्रयासों के कारण, सशस्त्र बलों द्वारा उपयोग किए जा रहे अधिकांश हथियार भारत में निर्मित हैं ।