सनातन धर्म में सोमरस का आशय मदिरा सेवन नही है, ना ही सोमरस नशीला पदार्थ है.By Samagra BharatDecember 31, 2022 प्रताप सिंह। “देवता शराब नही पीते थे”। सोमरस सोम के पौधे से प्राप्त था , आज सोम का पौधा लगभग विलुप्त है। शराब पीने को सुरापान कहा जाता था , सुरापान असुर करते थे , ऋग्वेद में सुरापान को घृणा के तौर पर देखा गया है।