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समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 11जुलाई। सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर जून के महीने में अंतरिक्ष में गए थे. लेकिन एक महीने बाद भी…

समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 16दिसंबर।भारत और ओमान ने अपने सदियों पुराने संबंधों को नई ऊर्जा देते हुए सूचना प्रौद्योगिकी, संस्कृति, वित्तीय अपराधों से निपटने के…

समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 14दिसंबर। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अंतरिक्ष भारत की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण घटक बनता जा रहा है।…

समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 30नवंबर। भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज इस बात पर जोर दिया कि भारत भूमि, आकाश, समुद्र और अंतरिक्ष के…

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार); प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्‍यमंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत की जी20 की अध्यक्षता अंतरिक्ष में देश के गौरव के साथ मेल खाती है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 36 वनवेब इंटरनेट उपग्रहों को अंतरिक्ष में लॉन्च और प्रक्षेपित करके इतिहास रच दिया है।

केंद्रीय राज्य मंत्री विज्ञान और प्रौद्योगिकी; राज्य मंत्री पृथ्वी विज्ञान; पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अंतरिक्ष, ड्रोन और भू-स्थानिक नीति की तिकड़ी भारत को अब से कुछ वर्षों में एक प्रमुख तकनीकी शक्ति के रूप में आगे बढ़ाएगी।

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अधीन भारत में अंतरिक्ष क्षेत्र अब बड़ी संख्या में विदेशी उपग्रहों के प्रक्षेपण के माध्यम से एक प्रमुख विदेशी मुद्रा अर्जक के रूप में उभर रहा है।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विज्ञान व प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान, एमओएस पीएमओ; पीपी/डीओपीटी; परमाणु ऊर्जा व अंतरिक्ष, डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में आरआईएसएटी (रिसैट)-1ए उपग्रह के डेटा उत्पाद और सेवाओं को राष्ट्र को समर्पित किया।

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्यमंत्री, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भले ही हम किसी विचारधारा के हों लेकिन हमें वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए किसी भी विचारधारा और व्यक्तिगत लगाव की परवाह किए बिना वैश्विक सहयोग की आवश्यकता है।