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समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 16जुलाई। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि साक्ष्य आधारित जानकारी के माध्यम से विभिन्न खाद्य…

भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (इरेडा) ने अपने हितधारकों की 13वीं बैठक का आयोजन किया, जिसमें नई पहलों, भविष्य की योजनाओं पर चर्चा को प्रोत्साहित किया गया और सम्मानित व्यापार भागीदारों से प्रतिक्रिया भी ली गई।

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में वॉकथॉन कार्यक्रम का आयोजन किया।

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने हितधारकों की टिप्‍णियां आमंत्रित करने के लिए आज भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण निरसन विनियम, 2023 का मसौदा जारी किया है।

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत राष्ट्रीय शीर्ष समिति की बैठक में अपने उद्घाटन भाषण में एनसीएपी के कार्यान्वयन के महत्व पर प्रकाश डाला और वायु की गुणवत्ता बढ़ाने के उपाय करने के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन, शहरी स्थानीय निकायों और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों से आपस में समन्वय करके ठोस कदम उठाने पर विशेष जोर दिया।

केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने जल्द ही पेश किए जाने वाले डिजिटल इंडिया विधेयक – भविष्य के लिए तत्‍पर कानून के बारे में हितधारकों के साथ विचार-विमर्श किया है।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि देश में बड़ी संख्या में पशुओं की देशी नस्लें हैं, जिन्हें सभी क्षेत्रों से पहचानने की आवश्यकता है। इनके माध्यम से कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र को और समृद्ध बनाया जा सकता है।

विनिधानकर्ता शिक्षा और संरक्षण निधि प्राधिकरण (आईईपीएफए) ने दावों के निपटारे की प्रक्रिया को सरल और तेज करने के लिए सभी हितधारकों से टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।

कैबिनेट द्वारा कल राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को मंजूरी दिए जाने के बाद, केन्‍द्रीय विद्युत और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री आर.के.सिंह, ने हितधारकों के साथ बातचीत की अध्यक्षता की।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार ने कहा है कि देश ने मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त कर ली है। वर्ष 2014 से 2016 के दौरान 130 प्रति लाख जीवित जन्म के मुकाबले वर्ष 2018 से 2020 में 97 प्रति लाख जीवित जन्म में महत्वपूर्ण गिरावट दर्ज की है।