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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी, जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर रही है और नागरिकों को सशक्त बना रही है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कर्नाटक के बेंगलुरू में सेफ सिटी प्रोजेक्ट्स की शुरूआत की।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी और कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री, राजीव चंद्रशेखर ने आज 2014 से पहले और 2014 के बाद के भारत की तुलना की, जब नरेन्द्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला था, और कहा कि देश आज एक मोड़ पर – अपने इतिहास में सबसे रोमांचक अवधि में है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘संभावनाओं के द्वार खोलना – प्रौद्योगिकी के उपयोग से जीवन यापन को आसान बनाना’ विषय पर बजट-उपरांत वेबिनार को संबोधित किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने टाइटेनियम क्रैनियोप्लास्टी रिपेयर के लिए उन्नत 3डी प्रिंटिंग तकनीक का उपयोग करके एक युवा रोगी के कपाल दोष को ठीक करने के लिए भारतीय सेना के सेंट्रल कमांड के डॉक्टरों की टीम की प्रशंसा की है।
केन्द्रीय इस्पात और नागर विमानन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस्पात क्षेत्र में हितधारकों से आग्रह किया है कि वे इस्पात क्षेत्र में तेजी लाने के लिए नए विचारों, नवाचारों और नई तकनीकों को अपनाएं।
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारतीय प्रशासनिक स्टाफ कॉलेज (एएससीआई) में विज्ञान प्रशासकों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत लोगों के लिए ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने को बहुत महत्व देता है।
भविष्य नवाचार से लैस प्रौद्योगिकी तथा उभरती प्रौद्योगिकी और नये विचारों पर आधारित रचनात्मक स्टार्टअप का है।
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने आज यहां नई दिल्ली में “एक सप्ताह एक प्रयोगशाला (वन वीक वन लैब)” अभियान शुरू किया।
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समग्र भारत.!!!एक नाम है विचार का ,समाचार का ,आन्दोलन का ,समग्रता का ,समग्रता में अनेकता का,वैश्विक भारत का और हमारी राष्ट्र भाषा –राज भाषा हिंदी को विश्व पटल पर स्थापित करने का.सबको पता है कि हिंदी की आजीवन वकालत हमारे भारत के उपराष्ट्रपति श्री भैरों सिंह शेखावत ने की थी.उनके ही परिकल्पना के अनुसार और उनके आशीर्वाद से हमारी टीम ने “समग्र भारत” का प्रकाशन वर्ष २००३ में शुरू किया गया था.जो आज भी कई प्रकार के संघर्षों के वावजूद अनवरत जारी है.
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