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2 जनवरी को मोदी सरकार नववर्ष में महासंकटग्रस्त होने से बाल-बाल बच गई। अकथनीय वित्तीय अराजकता और गंभीर वैधानिक संकट टल गया। सोनिया-कांग्रेस सरकार के वित्त मंत्री रहे पलनिअप्पन चिदंबरम अपनी याचिका द्वारा इतनी विकराल सियासी तबाही सर्जा देते जितना स्व. राजनारायण जी द्वारा इंदिरा गांधी को अपस्थ करने वाली याचिका (12 जून 1975) से भी नहीं हुआ था।