Browsing: today
ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ-II की अंत्येष्टि आज राजकीय सम्मान के साथ की जाएगी. महारानी के अंतिम संस्कार में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समेत दुनिया भर के 500 गणमान्य शामिल होंगे. महारानी का पार्थिव शरीर कई दिनों से वेस्टमिंस्टर पैलेस में है. अनुमान है कि अब तक 7.5 लाख ब्रितानी और विदेशी मेहमान महारानी के अंतिम दर्शन कर चुके हैं.
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने शनिवार को मुंबई के जुहू बीच पर मुख्य कार्यक्रम में भाग लेकर देश भर में जारी समुद्र तट सफाई अभियान में देश का नेतृत्व किया।
विश्वकर्मा जंयती के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहली बार कौशल दीक्षांत समारोह में 50 लाख छात्रों को संबोधित किया। एक कौशल दीक्षांत समारोह जिसका उद्देश्य न केवल पूर्णतया कौशल से जुड़े इकोसिस्टम में छात्रों का मनोबल बढ़ाना है बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में काम करने के लिए भी प्रेरित करना है।
“आज भारत की धरती पर चीता लौट आए हैं”- पीएम मोदी
निज़ाम और उसके रजाकारों द्वारा किए गए कुकृत्यों और अत्याचारों के ख़िलाफ़ लोगों ने आंदोलन किया और अंततोगत्वा विजयी हुए- अमित शाह
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का आज जन्मदिन है, आज यानी शनिवार , 17 सितंबर को पीएम 72 वर्ष के हो गए. आज दिन भर उनके लिए एक व्यस्त कार्यक्रम है क्योंकि आज विभिन्न कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है. आप चाहें तो आप भी पीएम मोदी को हैप्पी बर्थडे कह सकते हैं.
संस्कृति मंत्रालय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भेंट किये गये प्रतिष्ठित और स्मरणीय स्मृति-चिह्नों की चौथी ई-नीलामी का आयोजन कर रहा है, जो 17 सितंबर, 2022 से शुरू होकर दो अक्टूबर, 2022 को समाप्त होगी।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को गुजरात के सूरत में कृषक भारती कोआपरेटिव लिमिटेड की बायो-इथेनॉल परियोजना कृभको हजीरा का शिलान्यास किया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और रेल राज्यमंत्री दर्शना जरदोश सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
आज से शुरू हुई 10 वाणिज्यिक कोयला खदानों की ई-नीलामी
आज भारत विद्युत दोपहिया, तिपहिया और कारों के लिए सबसे बड़ा ईवी बाजार बन रहा है- नितिन गडकरी
About us
समग्र भारत.!!!एक नाम है विचार का ,समाचार का ,आन्दोलन का ,समग्रता का ,समग्रता में अनेकता का,वैश्विक भारत का और हमारी राष्ट्र भाषा –राज भाषा हिंदी को विश्व पटल पर स्थापित करने का.सबको पता है कि हिंदी की आजीवन वकालत हमारे भारत के उपराष्ट्रपति श्री भैरों सिंह शेखावत ने की थी.उनके ही परिकल्पना के अनुसार और उनके आशीर्वाद से हमारी टीम ने “समग्र भारत” का प्रकाशन वर्ष २००३ में शुरू किया गया था.जो आज भी कई प्रकार के संघर्षों के वावजूद अनवरत जारी है.
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.