Browsing: Tourism

पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर “मिशन मोड में पर्यटन: सम्मिश्रण और सार्वजनिक निजी भागीदारी” 30 मार्च को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।

पर्यटन मंत्रालय ने 28 मार्च और 29 मार्च को नई दिल्ली में “मिशन मोड में पर्यटन”को बढ़ावा देने के लिए विचार-विमर्श, चिंतन और रणनीति तैयार करने के लिए, दो-दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन किया, जिसमें सभी राज्यों, उद्योग संघों और उद्योग जगत के दिग्गजों ने भाग लिया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि झांसी का विश्व स्तरीय स्टेशन, झांसी के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में अपेक्षाकृत अधिक पर्यटन और वाणिज्य सुनिश्चित करेगा।

भारत 17 और 18 मार्च, 2023 को काशी (वाराणसी) में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के पर्यटन मंत्रियों की बैठक (टीएमएम) की मेजबानी करेगा। काशी को एससीओ की पहली सांस्कृतिक राजधानी के रूप में नामित किया गया है। वर्तमान में भारत शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का अध्यक्ष है।

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने अपने सागरमाला कार्यक्रम के तहत देश के सामाजिक और नियामक वातावरण को मजबूती देने के लिये समुद्री उद्योग में अनेक सुधारों और पहलों की शुरूआत की है।

कार्मिक मंत्रालय की ओर से शनिवार को जारी आदेश में कहा गया है कि वरिष्ठ नौकरशाह मनीषा सक्सेना को पर्यटन मंत्रालय में पर्यटन महानिदेशक नियुक्त किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने राष्‍ट्रीय जलमार्ग-68 के निर्माण पर प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त की है जिससे गोवा में पंजिम से वास्‍को के बीच की दूरी 9 किलोमीटर कम हो गई है और यह यात्रा अब केवल 20 मिनट में पूरी की जा सकती है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि कर्नाटक के शिवमोग्गा में हवाई अड्डा न सिर्फ व्यापार, संपर्क में वृद्धि करेगा बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।

भारत ने 12-13 जनवरी 2023 को “यूनिटी ऑफ वॉयस, यूनिटी ऑफ पर्पस” विषय के तहत एक विशेष वर्चुअल शिखर सम्मेलन – “वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट” की मेजबानी की। इस शिखर सम्मेलन में राष्ट्र/सरकार के प्रमुख स्तर के उद्घाटन और समापन सत्र शामिल थे और प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित किए गए, और भारत के संबंधित कैबिनेट मंत्रियों द्वारा आठ मंत्रिस्तरीय सत्र का संचालन किया गया।

सरकार महिला कर्मचारियों के सामने आने वाली कठिनाइयों को कम करने और महिला कर्मचारियों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए विभिन्न विनियामक और स्वैच्छिक उपायों के माध्यम से उद्योग जगत के हित धारकों से जुड़ी है।