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जनजातीय छात्रों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा सोसायटी (एनईटीएस), लर्निंग लिंक्स फाउंडेशन (एलएलएफ) के सहयोग से अमेज़न फ्यूचर इंजीनियर प्रोग्राम (सीएसआर प्रोग्राम) को लागू करने के लिए ईएमआरएस शिक्षकों के लिए दो दिवसीय फेस-टू-फेस क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है।

केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज नई दिल्ली में जनजातीय लोगों के सशक्तिकरण पर मीडिया को संबोधित किया।

“धाबरी कुरुवी” एक ऐसी आदिवासी लड़की की प्रचंड यात्रा को दिखाती है, जो रूढ़िवाद से लड़ती हैं और खुद को उन जंजीरों से मुक्त करना चाहती हैं, जिनसे समाज व समुदाय ने उसके जैसे दूसरों को जकड़ रखा है। यह भारतीय सिनेमा के इतिहास में पहली फिल्म है, जिसमें केवल जनजातीय समुदाय से संबंधित कलाकारों ने अभिनय किया है।

मध्य प्रदेश ने जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर 15 नवम्‍बर, 2022 को अपने पेसा नियमों को अधिसूचित किया है। मध्य प्रदेश के शहडोल में राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस सम्मेलन में मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल ने पंचायतों के पहले (अनुसूचित क्षेत्रों के विस्तार) कानून (पेसा कानून) की पहली प्रति की नियमावली भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को सौंपी।

राज्यपाल अनुसुईया उइके छिंदवाड़ा प्रवास के दौरान, ‘‘जनजाति गौरव दिवस’’ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने बिरसा मुण्डा के जन्मदिवस को ‘‘जनजाति गौरव दिवस’’ के रूप में मनाने के निर्णय को गौरवपूर्ण बताते हुए, इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि इससे जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास को सम्मान मिला है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भगवान बिरसा मुंडा और करोड़ों जनजातीय वीरों के सपनों को साकार करने के लिए राष्ट्र ‘पंच प्राण’ की ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस के माध्यम से देश की आदिवासी विरासत पर गर्व व्यक्त करना और आदिवासी समुदाय के विकास का संकल्प इसी ऊर्जा का हिस्सा है।”

जनजातीय गौरव दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 15 नवंबर को झारखंड के उलिहातु गांव का दौरा किया और भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

बिरसा मुंडा यह अद्भुत व्यक्तित्व हैं. कुल जमा पच्चीस वर्ष का ही छोटासा जीवन उन्हे मिला. किन्तु इस अल्पकालीन जीवन में उन्होने जो कर दिखाया, वह अतुलनीय हैं. अंग्रेज़ उनके नाम से कांपते थे. थर्राते थे. वनवासी समुदाय, बिरसा मुंडा जी को प्रति ईश्वर मानने लगा था.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए कल (15 नवंबर, 2022) भगवान बिरसा मुंडा के जन्म स्थान, झारखंड के उलिहातु गांव का दौरा करेंगी।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में 7 सितंबर से शुरू की गई भारत जोड़ो यात्रा का आज तेलंगाना में चौथा दिन है. शनिवार को तेलंगाना के महबूबनगर कस्बे के धर्मपुर से फिर से भारत जोड़ो यात्रा शुरू की गई और 10 बजे करीब पदयात्रा येनुगोंडा पहुंची थी.