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राज्यसभा के कर्मचारियों से बोले उपराष्ट्रपति नायडू, आप सदैव मेरे दिल के करीब रहेंगे
उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को समाप्त हो रहा है। ऐसे में पिछले सप्ताह उन्होंने वीपी सचिवालय, राज्यसभा सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों, डॉक्टरों की टीम और उपराष्ट्रपति के लिए सेवा देने वाले वायुसेना के चालक दल के लिए सिलसिलेवार तरीके से कई चाय पार्टी की मेजबानी की। यहां मौजूद लोगों ने उन्हें भावनात्मक विदाई दी और श्री
उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडु ने आज इस बात पर जोर दिया कि शासन का अंतिम उद्देश्य लोगों को सशक्त बनाना और न्यूनतम सरकार की ओर बढ़ना होना चाहिए, जो उनके अनुसार तभी होगा जब अंतिम लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया हो और निचले पायदान पर खड़े लोग वहां पहुंच चुके हों।
उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने आज युवाओं से समाज में जरूरतमंद और उपेक्षित वर्गों की मदद के लिए नियमित रूप से कुछ समय समर्पित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ‘संकट में मदद के लिए हाथ बढ़ाने से बड़ी संतुष्टि और खुशी कुछ भी नहीं है। ‘बांटें और देखरेख करें’ हमारी सभ्यता का मूल मंत्र है’।
उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने आज सभी छात्रों के लिये बेहतर शिक्षा में समान अवसरों का आह्वान किया। श्री नायडू ने इस बात पर जोर दिया कि पाठ्य-पुस्तकों या पढ़ाई की फीस वहन करने में सक्षम न होने के कारण कोई भी छात्र या छात्रा पीछे न छूट जाये। उन्होंने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि शिक्षा को सबके लिये समान रूप से सुगम बनाने में आने वाली अड़चनों को दूर करें।”
उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने आज पुलिस बलों से महिलाओं के विरूद्ध अपराधों से संबंधित मामलों में अतिरिक्त संवेदनशील होने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ने और उनकी पूरी क्षमता हासिल करने में सहायता करने के लिए महिलाओं के लिए सुरक्षित और सक्षमकारी वातावरण का निर्माण करना बहुत महत्वपूर्ण है।
भारत के उपराष्ट्रपति और राज्य सभा के सभापति एम. वेंकैया नायडु ने शनिवार को आभासी रूप से हैदराबाद से राज्यसभा के नवनिर्वाचित/नाम-निर्देशित सदस्यों के लिए दो दिवसीय विषयबोध कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर नायडु ने कहा कि सरकार की प्रबुद्ध आलोचना का सदैव स्वागत है, किन्तु संसदीय रणनीति के रूप में लंबे व्यवधानों का सहारा लेने से बचना चाहिए।
नायडु ने कहा, “हमारे पुरखों ने ऐसे भारत की कल्पना की थी, जो धर्म, जाति, नस्ल, लिंग या जन्म स्थल के आधार पर भेदभाव ना करता हो। ऐसे समावेशी और बहुलतावादी मूल्य ही भारत को तमाम देशों से अलग बनाते हैं। तमाम विषम परिस्थितियों में भी इन मूल्यों को सुरक्षित रखने और इनका पालन करने की शपथ लें।”
उपराष्ट्रपति ने ‘नॉर्थ ईस्ट ऑन व्हील्स’ के अभियानकर्ताओं के साथ बातचीत की
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 24जुलाई। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने शनिवार को नई दिल्ली में उप-राष्ट्रपति निवास में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और उनके परिवार…