शिंदे की राह क्यों आसान नहींBy Samagra BharatJuly 10, 2022 ’इन चुप्पियों के हाथ कैसे रंगे हैं खून से क्षत-विक्षत शब्द पड़े हैं जो हर तरफ मौन से’ एकनाथ शिंदे के सिर अभी-अभी तो सिरमौर…