भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव द्वारा जम्मू कश्मीर के सभी दलों के नेताओं पर सीमा पार के नेताओं शांति विरोधी संगठनों के नेताओं के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है। राम माधव के आरोपों के खिलाफ अमूमन खामोश रहने वाले नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला बिफर पडे। संवाददाता सम्मेलन करके उमर ने कहा कि भाजपा देश को गुमराह करने में लगी। अगर उनके पास सबूत है तो जनता के सामने पेश करके पूरे देश को सही-सही तस्वीर सामने रखे। हिम्मत है तो राम माधव सही तस्वीर सामने रखे। == उल्लेखनीय है कि भाजपा महासचिव राम माधव ने एकाएक सरकार बनाने के लिए सभी दलों की सुगबुगाहट को पाकिस्तान के इशारे किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले यही दल विधानसभा भंग कराने की मांग कर रहे थे और अब यही दल राष्ट्रपति शासन के अंतिम पल में सरकार बनाने की कोशिश आरंभ कर दी। राम माधव के आरोपों पर उम्र ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आपलोग केवल आरोप लगाकर छिप जाते हैं। उमर अब्दुल्ला ने राज्यपाल पर कटाक्ष किया कि यदि राज्यपाल को विधायकों की खरीद फरोख्त का इतना ही शक था तो एकाएक विधानसभा भंग करने से पहले कमसे कम सभी दलों के नेताओं से बातचीत तो करते राज्यपाल भी एक भविष्यवक्ता की तरह कल क्या क्या है इसकी मात्र आशंका को महसूस करके ही विधानसभा भंग कर दी जिसे सबसे बढि़या विकल्प कहते हुए भाजपा अपने अंदाज में राज्यपाल की पीठ थपथपा दी। अलबत्ता राजनिवास की इस अलोकतांत्रिक और जनविरोधी नीतियों से पूरा देश अचंभित है और देखना है कि चार राज्यों में होने जा वाले मतदान पर इसका कोई असर पडता भी है या नहीं? मगर राम माधव के आरोपों से घाटी में जबरदस्त उबाल है।
राज्यपाल सतपाल मलिक के बचाव में उतरी भाजपा और बिफरें उमर अब्दुल्ला /अनामी शरण बबल
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