समग्र समाचार सेवा
देहरादून, 20अप्रैल।
सरलता एवं सादगी के प्रतीक जन लोक प्रिय पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं सासद श्री बच्ची सिंह रावत का सोमवार की देर सांय चित्रशिलाघाट पर वैदिक रीति के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि उनके पुत्र शशांक रावत द्वारा द्वी गई। अतिंम संस्कार में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत तथा केन्द्रीय शिक्षा मंत्री डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धनसिंह रावत ने भारतीय जनता पार्टी कुमाऊॅ सम्भाग कार्यालय में बचदा के पार्थिक शरीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी।
चित्रशिला घाट रानीबाग में डिप्टी स्पीकर रघुनाथ सिंह चौहान सांसद अजय भट्ट, अजय टम्टा, शहरी विकास मंत्री श्री बंशीधर भगत, विधायक बलवंत सिंह भौर्याल, मेयर डॉ. जोगेन्द्र पाल सिंह रौतेला, जिला अध्यक्ष भाजपा प्रदीप बिष्ट ने अंतिम संसकार में पहुंच कर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी। दिवंगत बचदा के पार्थिक शव पर पुष्पाजंलि अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किये।
इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि स्वर्गीय बचदा सरलता व सादगी के प्रतीक थे। उनके द्वारा केन्द्रीय राज्य मंत्री रहते हुए उत्तराखण्ड में केन्द्रीय विद्यालयों की स्थापना कराई गई। स्वर्गीय बचदा ने 2004 में आर्य भट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान(एरीज) नैनीताल को केन्द्रीय दर्जा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके इस योगदान को हमेशा याद किया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि बचदा का जाना पूरे प्रदेश के लिए बहुत बडी क्षति है जिसकी भरपाई निकट भविष्य मे संम्भव नही है भागवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। तथा उनके परिजनों को इस महान दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
अन्तिम संस्कार के अवसर पर विधायक पुष्कर सिंह धामी, राजकुमार ठुकराल, पूर्व सासद बलराज पासी, उपाध्यक्ष राज्य सफाई कर्मचारी आयोग अजय राजौर के अलावा बडी संख्या में लोग उपस्थित थे।
सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग।
जन लोक प्रिय पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं सासद श्री बच्ची सिंह रावत का चित्रशिलाघाट पर वैदिक रीति के साथ किया गया अंतिम संस्कार
Previous Articleचैत्र नवरात्री: अष्टमी के दिन ऐसें करें मां महागौरी की पूजा
Related Posts
Add A Comment
About us
समग्र भारत.!!!एक नाम है विचार का ,समाचार का ,आन्दोलन का ,समग्रता का ,समग्रता में अनेकता का,वैश्विक भारत का और हमारी राष्ट्र भाषा –राज भाषा हिंदी को विश्व पटल पर स्थापित करने का.सबको पता है कि हिंदी की आजीवन वकालत हमारे भारत के उपराष्ट्रपति श्री भैरों सिंह शेखावत ने की थी.उनके ही परिकल्पना के अनुसार और उनके आशीर्वाद से हमारी टीम ने “समग्र भारत” का प्रकाशन वर्ष २००३ में शुरू किया गया था.जो आज भी कई प्रकार के संघर्षों के वावजूद अनवरत जारी है.
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
© 2026 Samagra Bharat News website. All Rights Reserved.
