समग्र समाचार सेवा
देहरादून/टिहरी, 11मई।
कोविड संक्रमण काल में उत्तराखड गॉंव में कुछ लोग कर्फ्यू का नाजायज़ फायदा उठा कर वन जीवों को भी नहीं छोड़ रहे हैं।
इसी कर्म में जनपद टिहरी गढवाल के थाना क्षेत्र हिण्डोलाखाल में ग्राम नगर, पट्टी तौली, बनगढ, थाना हिण्डोलाखाल में वन्य हिरन का शिकार करने एवं मांस विक्रय करने का मामला सामने आया है।
सोमवार को थाना हिण्डोलाखाल से करीब 47 किमी0 सीमान्त क्षेत्र में ग्राम नगर में हिरन का शिकार कर उसका मांस विक्रय करने के सम्बन्ध में मुखबिर द्वारा थाना हिण्डोलाखाल पर सूचना दी गयी। सूचना पर तत्काल श्रीमती तृप्ति भट्ट, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, टिहरी गढवाल द्वारा थाना हिण्डोलाखाल पुलिस तथा थाना देवप्रयाग पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया जिसमें वन-विभाग की टीम भी शामिल थी।उक्त टीम का पर्यवेक्षण अपर पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी टिहरी के द्वारा एसएसपी टिहरी के निर्देशन में किया जा रहा था।
गठित संयुक्त टीम मौके के लिये रवाना हुयी और मुखबिर के बतायेनुसार छापेमारी की कार्यवाही की गयी जिसमें दो अभियुक्तगण (पिता-पुत्र) के कब्जे बङी मात्रा में ( करीब 21 किग्रा0) तथा दो अन्य अभियुक्तगण जो मांस को क्रय कर रहे थे, उनके कब्जे से अपेक्षाकृत कम मात्रा में( कुल करीब 5.5 किग्रा0) वन्य हिरन के मांस की बरामदगी हुयी। जिसको पशु चिकित्सक श्री अविनाश चौहान, हिण्डोलाखाल द्वारा चौक कराने पर उनके द्वारा भी मांस के वन्य जीव की होने की पुष्टि की गयी।
जिस पर अभियुक्तगणों को गिरफ्तार कर थाना हिण्डोलाखाल में उनके विरुद्ध वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।
अभियुक्त रमेश पुत्र गल्तु, उम्र- 50 वर्ष, जगदीश पुत्र रमेश, उम्र- 27 वर्ष, दिनेश पुत्र फुणकु (क्रेता), उम्र- 34 वर्ष, भगवान पुत्र लूङा (क्रेता), उम्र- 35 वर्ष। निवासीगण ग्राम नगर, पट्टी तौली, बनगढ, थाना हिण्डोलाखाल, टिहरी गढवाल। अभियुक्त रमेश एवं जगदीश (पिता-पुत्र) जो कि मांस का विक्रय कर रहे थे, उनके कब्जे से संयुक्त रुप से करीब 21 किग्रा0 वन्य हिरन का मांस एवं अभियुक्त दिनेश एवं भगवान (क्रेता) के कब्जे से क्रमशः 3.5 किग्रा0 तथा 2 किग्रा0 वन्य हिरन का मांस बरामद किया गया है। इस तरह के नाजायज़ शिकार करने से कोविड संक्रमण का वन एवं में भी फैलना का खतरा बढ़ गया है।
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