समग्र समाचार सेवा
देहरादून, 17 मई। जिलाधिकारी डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव द्वारा वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से जनपद के समस्त क्षेत्रीय और स्थानीय अधिकारियों को आगामी मानसून से पूर्व तैयारी एवं बाढ नियंत्रण प्रबन्धन विषयक की समीक्षा बैठक लेते हुए जरूरी दिशा-निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने समस्त क्षेत्रों के उप जिलाधिकारियों तथा सिंचाई विभाग, जल संस्थान, स्वास्थ्य, विद्युत, खाद्य आपूर्ति, पुलिस, नगर निगम, नगर पालिका, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसे विभागों के अधिकारियां को मानसून आनेे से पूर्व ही अपने-अपने कार्य क्षेत्र का फिल्ड निरीक्षण करते हुए किये जाने वाले पूर्व सुरक्षात्मक कार्यों, जुटाये जाने वाले मानवीय व अन्य संसाधनों, मानसून सीजन में होने वाली किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए किये जाने वाले राहत एवं बचाव के त्वरित उपायों की पूर्व तैयारी करने और विभिन्न विभागों का आपसी सामंजस्य बनाये रखने तथा सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान करने जैसे कार्यों को समय से समय से पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर सभी प्रकार के उपकरणों की पर्याप्त, उपलब्धता, उनकी कार्य स्थिति, विभिन्न स्तर पर उपकरणों और कार्मिकों की तैनाती करने करते हुए विस्तृत सूचना संकलन कर आख्या आपदा प्रबन्धन कार्यालय को देना सुनिश्चित करें। ताकि उसका अंकन एनआईडीएम पोर्टल पर समयबद्ध रूप से किया जा सके।
जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सभी विभागों से समुचित लाईजनिंग और सभी व्यवस्थाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखने के पूर्व उपाय करने के निर्देश दिये ताकि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में राहत एवं सुगमीकरण के कार्यों में आसानी रहे। उन्होनें नगर निगम देहरादून एवं ऋषिकेश सहित समस्त नगर पालिका परिषदों के प्रभारी अधिकारियों को बरसात से पूर्व अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क व सम्पर्क मार्ग के किनारों से लेकर नालों-नालियों में बेहतर सफाई करने के निर्देश दिये ताकि बरसाती पानी की सुगम निकासी हो सके। लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में बरसात के दौरान बन्द होने वाली सड़कों को तत्काल खोलने और आवागमन को सुरक्षित सुगम बनाये रखने के लिए पहाड़ों पर संभावित भूस्खलन वाले क्षेत्रों में पहले से पर्याप्त जे.सी.बी तैनात करने तथा यातायात पुलिस के समन्वय से जोखिम संभावित क्षेत्र में यात्रियों की सुविधा के लिए लगाये जाने वाले होर्डिंग्स-सूचना पट्ट को सही लोकेशन पर लगाने और उसमें सम्बन्धित अधिकारियों के दूरभाष नम्बर सहित पर्याप्त और स्पष्ट जानकारी अंकित करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने वन विभाग को विभिन्न क्षेत्रांें में क्षतिग्रस्त पेड़ों की लाॅपिंग -पातन करने तथा आवश्यकतानुसार जीर्ण-क्षीर्ण पेड़ों के कटान की कार्यवाही समय से करने, विद्युत विभाग को वन विभाग से समन्वय करते हुए विद्युत लाईनों के आस-पास पेड़ों की लाॅपिंग-चैपिंग तथा सिंचाई विभाग को कमजोर तटबन्धों की मरम्मत और अपने-अपने क्षेत्रों में तहसील स्तर पर बाढ नियन्त्रण चैकियां तथा दूरभाष नम्बर जारी करने के निर्देश दिये। उन्होेंने नगर निगम देहरादून, ऋषिकेश एवं नगर पालिका परिषदों को नाला सफाई कार्यों को 15 जून से पहले पूर्ण करते तथा सिचंाई विभाग को तारजाल, सुरक्षा दीवार तथा नदियों के चैनलाईज कार्य को 31 मई तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होनंे सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए रिस्पना एवं बिन्दाल नदी में जहां जलभराव की स्थित होती है तो ऐसे स्थानों पर नदी को चैनलाईज कर दिया जाएं। उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों को उनके क्षेत्रों में गिरासू भवन जिनका मामला माननीय न्यायालय में लम्बित ना हो, ऐसे गिरासू भवन तत्काल हटाएं जाए। उन्होने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि आपदा के दौरान मकान की क्षति अथवा मृत्यु होने पर सम्बन्धित परिवार को 24 घण्टे के भीतर सहायता प्रदान कर दी जाए। साथ ही जिन सड़कों पर भूस्खलन की सम्भावना बनी रहती है उनमें रात्रि आवागमन प्रतिबन्धित किया जाए। उन्होंने पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियन्ता को निर्देशित किया कि यह सुनिश्चित कर लिया जाए पीएमजीएसवाई के तहत् निर्माण हुई सड़के बन्द होने की स्थिति में तत्काल खोल दी जाएं यदि कोई सड़क दो दिन तक बन्द रहती है तो सम्बन्धित के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
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