इंद्र वशिष्ठ
माडल टाउन में रिटायर्ड डीसीपी के बेटे को कुख्यात बदमाश काला जठेड़ी ने धमकी देकर
रंगदारी की मांग की थी। इस मामले में ओलंपियन सुशील पहलवान का नाम आया था। पुलिस को अब रंगदारी के मामले में भी सुशील से पूछताछ करनी चाहिए।पुलिस अगर इस मामले में गंभीरता से तफ्तीश करती तो सुशील को इस मामले में पहले ही गिरफ्तार भी किया जा सकता था।
डीसीपी के बेटे से रंगदारी-
पुलिस सूत्रों के अनुसार माडल टाउन निवासी दीपक दहिया को पिछले साल दिसंबर में व्हाट्सएप कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को बदमाश काला जठेड़ी बताया। काला ने बताया कि उस पर पुलिस ने सात लाख रुपए का इनाम रखा हुआ है। दीपक को धमकी देकर बीस लाख रुपए की मांग की गई। दीपक ने फोन काट दिया। काला जठेड़ी ने व्हाट्सएप पर संदेश भेजा। दीपक ने उस संदेश का स्क्रीनशॉट लिया और माडल टाउन थाने में 25 दिसंबर को शिकायत कर दी।
रिपोर्ट में बीस लाख दर्ज कराए गए हैं।लेकिन बताया जाता है कि काला ने रंगदारी पचास लाख रुपए मांगी थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार दीपक दहिया मामले में कुछ ऐसी बातें पता चली थी जो इस मामले में सुशील पहलवान की भूमिका होने का इशारा करती हैं।
फॉर्म हाउस बना रहा है-
दीपक को काला जठेड़ी ने कहा कि हमें मालूम है कि तुम कहां पर फॉर्म हाउस बना रहे हो। यह सुन कर दीपक चौंक गया क्योंकि यह बात उसने अपने नजदीकी लोगों को ही बताई हुई थी इससे यह शक हुआ कि उसके किसी जानकर की काला जठेड़ी से सांठगांठ है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार काला जठेड़ी द्वारा धमकी मिलने की सूचना दीपक ने अपने जानकर पुलिस अफसरों को भी दी थी।
दीपक ने उनको बताया कि उसके सुशील पहलवान से भी संबंध है। पुलिस को यह मालूम था कि सुशील पहलवान की काला जठेड़ी से सांठगांठ हैंं।
काला जठेड़ी का नए नंबर पर फोन-
पुलिस के कहने पर दीपक ने नया फोन नंबर इस्तेमाल करना शुरु किया। लेकिन इस नंबर पर भी उसे काला जठेड़ी ने फोन कर दिया।
दीपक ने पुलिस के कहे अनुसार यह नया नंबर भी सुशील पहलवान दिया था। सुशील को नंबर दिए जाने के बाद ही उसके पास का काला जठेड़ी का फोन आ गया। काला जठेड़ी ने उसे कहा भी कि तू क्या समझता हैं हमें तेरा नया नंबर नहीं मिलेगा। काला जठेड़ी के बदमाश दीपक के एक फ्लैट पर भी पहुंच गए थे लेकिन दीपक वहां रहता नहीं हैंं।
डीसीपी के बेटे की FIR, 6 दिन बाद दर्ज –
दीपक के पिता सतवीर दहिया दिल्ली पुलिस में डीसीपी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। डीसीपी के बेटे को काला जठेड़ी ने धमका कर पैसा मांगा। पुलिस ने डीसीपी के बेटे की शिकायत पर भी 6 दिन बाद 31 दिसंबर को एफआईआर दर्ज की। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम आदमी को एफआईआर दर्ज कराने में कितनी मुश्किल का सामना करना पड़ता है।
पुलिस ने जबरन वसूली और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया। मामले की जांच बाद में स्पेशल सेल को सौंप दी गई।
लेकिन इस मामले में अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया।
पुलिस की लापरवाही, सोनू महाल गायब –
ओलंपियन सुशील ने चार मई की रात को सागर पहलवान, सोनू महाल और अमित को बुरी तरह पीटा। पुलिस ने सोनू महाल को भी अस्पताल में भर्ती कराया था। सोनू महाल वहां से गायब हो गया। सोनू शातिर अपराधी है उसे मालूम है कि पुलिस उसे किसी अन्य मामले में गिरफ्तार कर सकती है। शायद इस लिए वह भाग गया।
माडल टाउन पुलिस ने जबरन वसूली के आरोप में संदीप उर्फ काला जठेड़ी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रखी है। इतेफाक से पुलिस की बिना किसी मेहनत के काला जठेड़ी का खास साथी सोनू महाल घायल होने पर पुलिस को मिल गया था। पुलिस को सोनू महाल पर निगरानी रखनी चाहिए थी और उसके बाद उससे दीपक दहिया मामले में पूछताछ करनी चाहिए थी।
काला जठेड़ी की ओर से सब कुछ सोनू महाल और उसके साथी ही करते है। पुलिस अगर सोनू से गहन पूछताछ करती तो दीपक मामले में उसकी भूमिका पता चल जाती। जिसके आधार पर पुलिस उसे गिरफ्तार भी कर सकती थी।
काला जठेड़ी का खास साथी सोनू महाल माडल टाउन में रह रहा था। इससे पुलिस की भूमिका पर सवालिया निशान लग जाता है। दीपक हैथवे केबल का वितरक है।
(लेखक इंद्र वशिष्ठ दिल्ली में तीस साल से क्राइम रिपोर्टिंग कर रहे हैं। दैनिक भास्कर में विशेष संवाददाता और सांध्य टाइम्स (टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप) में वरिष्ठ संवाददाता रहे हैं।)
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