समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 1जून। देश में पहली बार मिले कोरोना वायरस के वेरिएंट्स का विश्व स्वास्थ्य संगठन ने नामकरण कर दिया है। जी हां देश पाए गए कोरोना वायरस के B.1.617.2 डेल्टा और वेरिएंट बी.1.617.1 को कप्पा नाम से जाना जाएगा। कोरोना के इन वेरिएंट्स को यह नाम विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दिया है। कोरोना के इन स्वरूपों की पहचान सबसे पहले अक्टूबर 2020 में भारत में हुई थी।
बता दें कि यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब कोरोना के अलग-अलग वेरिएंट को देशों के नाम के साथ जोड़ने को लेकर विवाद हो रहा था। बी.1.617.2 को इंडियन वेरिएंट कहे जाने पर भारत सरकार ने कड़ी आपत्ति जाहिर की थी।
सितंबर 2020 में ब्रिटेन में सबसे पहले पाए गए कोरोना वायरस के बी.1.1.7 वेरिएंट को अल्फा नाम दिया गया है। वहीं दक्षिण अफ्रीका में मिले बी.1.351 को बीटा नाम मिला है। नवंबर 2020 में सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में पाए गए P.1 वेरिएंट को अब गामा नाम से जाना जाएगा।
इसी तरह मार्च 2020 में अमेरिका में मिले वेरिएंट बी.1.427/बी.1.429 को एपलिसन, अप्रैल 2020 में ब्राजील में मिले P.2 को जीटा, कई देशों में मिले बी.1.525 वेरिएंट को ईटा, फिलिपींस में मिले P.3 को थीटा नाम दिया गया है। नंवबर 2020 में अमेरिका में मिले बी.1.526 को लोटा नाम से मिला है।
डब्ल्यूएचओ की कोविड-19 तकनीकी मामलों की प्रमुख डॉ मारिया वान केरखोव ने सोमवार को ट्वीट किया, ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के स्वरूपों के आसानी से पहचाने जाने के लिए उनका नया नामकरण किया है। इनके वैज्ञानिक नामों में कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि, इसका उद्देश्य आम बहस के दौरान इनकी आसानी से पहचान करना है।
बता दें कि हाल ही में कोरोना वायरस के बी.1.617.1 वेरिएंट्स को पाकिस्तान ने इंडियन वेरिंएंट्स करार दिया था।
