समग्र समाचार सेवा
लखनऊ, 2जून। प्राचीन भारत की चिकित्सा तकनीक और विज्ञान वेदों में समाहित है। वेदों का ज्ञान होना भी आवश्यक है क्योकिं वेदों में ही हमें भारत का इतिहास और प्राचीनता भी जानने को मिलता है। लेकिन आजकल के समय में बहुत से कम लोगों को ही वेदों का ज्ञान होता है कि क्योकिं लोग रूचि ही नही रखते है। देश में अब वेदों और संस्कृत के विद्वानों की गिनी चुनी संख्या रह गई है। अब इसी गिनी चुनी संख्या में एक बालक का भी नाम एड हो गया है जो मात्र 9-10 साल का है।
जी हां उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में खेलने कुदने की बजाय एक छोटा बालक देववाणी में पांडित्य का ज्ञान प्राप्त कर वेदों का ज्ञाता बन गया है। जब इस असाधारण और अध्भुत महाज्ञानी बच्चे के बारें में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लगी, तो उन्हें बहुत ही प्रसन्नता हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नें लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर सिद्धपीठ हथियाराम मठ, 9 साल के गाजीपुर के बाल विद्वान आशुतोष दुबे से मिलकर, उन्हें सम्मानित किया व उपहार स्वरूप अंग वस्त्र भी भेंट किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने ट्विटर हैंडल से इस शुभ अवसर की तस्वीर भी साँझा की।
सनातन धर्म ऐसे बालकों का सदैव ऋणी रहेगा।
9 वर्षीय आशुतोष दुबे ने सीखे चारों वेद, सीएम योगी भी कर चुके है सम्मानित
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