समग्र समाचार सेवा
पटना, 15जून। लोजपा में तकरार के बीच लोकसभा में लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) संसदीय दल के नेता के रूप में पूर्व मंत्री और पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान के छोटे भाई पशुपति कुमार पारस को मान्यता मिल गई है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सोमवार शाम पारस को सदन में लोजपा के नेता के रूप में मान्यता दे दी। रविवार को पार्टी के छह में से पांच सांसदों ने रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान की जगह पारस को नेता चुनकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को अपने फैसले से अवगत करा दिया था।
रामविलास के पुत्र चिराग पासवान पहले संसदीय दल के नेता थे। हाजीपुर से सांसद पारस ने कहा कि मैंने पार्टी को तोड़ा नहीं, बल्कि बचाया है। उन्होंने कहा कि लोजपा के 99 प्रतिशत कार्यकर्ता पासवान के नेतृत्व में बिहार 2020 विधानसभा चुनाव में जद (यू) के खिलाफ पार्टी के लड़ने और खराब प्रदर्शन से नाखुश हैं। पारस ने कहा कि उनका गुट भाजपा नीत राजग सरकार का हिस्सा बना रहेगा और चिराग पासवान भी संगठन का हिस्सा बने रह सकते हैं।
संसदीय दल नेता का पद संकट में पड़ने के बाद वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद इस शर्त पर छोड़ने के लिए तैयार हैं कि उनकी मां रीना पासवान को पार्टी की कमान सौंप दी जाए। इसी सिलसिले में चिराग सोमवार को अपने चाचा पशुपति कुमार पारस से मुलाकात करने पहुंचे थे।
पशुपति कुमार पारस चुने गए लोजपा संसदीय दल के नेता, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने दी मान्यता
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