समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 19जून। इन दिनों साउथ अफ्रीका में एक साथ 10 बच्चे पैदा करने वाले कपल की काफी चर्चा हो रही है. इस कहानी में एक के बाद एक ट्विस्ट आता जा रहा है. लेकिन अगर आप 10 बच्चों के पैदा होने पर हैरान हैं तो आइये आपको बताते हैं उस मौलाना के बारे में, जिसने 203 बच्चों का पिता बनने का रिकॉर्ड बनाया था.
बच्चे किसी भी परिवार को मजबूत बनाने की कड़ी होते हैं. महंगाई के इस ज़माने में लोग एक से दो बच्चों में ही रुक जाते हैं लेकिन कुछ ऐसे लोग होते हैं जो बच्चों को खुदा का तोहफा मान बच्चे पैदा करते ही जाते हैं. सेंट्रल नाइजर स्टेट के मोहम्मद बेल्लो अबूबकर ने कई शादियां और उनसे सैंकड़ों बच्चे पैदा कर चर्चा बटोरी. अबूबकर ने अपने जीते जी 130 शादियां की थी. इन पत्नियों से अबूबकर के 203 बच्चे हुए. लेकिन इनकी संख्या अबूबकर की मौत के बाद भी बढ़ी क्यूंकि मौत के समय भी उसकी कई पत्नियां प्रेग्नेंट थी.
2017 में अबूबकर की मौत हो गई थी. अबूबकर ने अपनी लाइफ में 130 शादियां की थी. लेकिन इनमें से कुछ ने उन्हें तलाक दिया तो कुछ की मौत हो गई थी. मरते समय अबूबकर के साथ उसकी 86 बीवियां रहती थी. अबूबकर को अपनी 82 बीवियों को तलाक देने को कहा गया था. लेकिन अबूबकर ने ऐसा करने से साफ़ मना कर दिया. उसने अल्लाह का तोहफा बता सभी पत्नियों को साथ रखने का ऐलान किया था.
BBC को दिए इंटरव्यू में अबूबकर ने कहा था कि कई लोग 10 पत्नियों में ही परेशान हो जाते हैं. लेकिन उसने कहा कि उसे अल्लाह से शक्ति मिलती है जिसकी वजह से वो आराम से 86 बीवियों को कंट्रोल कर लेता है. अपनी जिंदगी अबूबकर ने 203 बच्चे पैदा किये. जब उसकी मौत हो गई तब भी उसकी कई बीवियां प्रेग्नेंट थी. इतनी बीवियों को और बच्चों को अबूबकर एक ही जगह पर रखते थे. बड़े से घर में सभी साथ रहते थे.
130 बीवियों और 203 बच्चों का पिता मौलाना मरने के बाद भी बना बाप
Related Posts
Add A Comment
About us
समग्र भारत.!!!एक नाम है विचार का ,समाचार का ,आन्दोलन का ,समग्रता का ,समग्रता में अनेकता का,वैश्विक भारत का और हमारी राष्ट्र भाषा –राज भाषा हिंदी को विश्व पटल पर स्थापित करने का.सबको पता है कि हिंदी की आजीवन वकालत हमारे भारत के उपराष्ट्रपति श्री भैरों सिंह शेखावत ने की थी.उनके ही परिकल्पना के अनुसार और उनके आशीर्वाद से हमारी टीम ने “समग्र भारत” का प्रकाशन वर्ष २००३ में शुरू किया गया था.जो आज भी कई प्रकार के संघर्षों के वावजूद अनवरत जारी है.
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
© 2026 Samagra Bharat News website. All Rights Reserved.
