समग्र समाचार सेवा
देहरादून, 20 जून। भूतपूर्व एडीजी भारत सरकार और बाबू धाम ट्रस्ट के संस्थापक एपी पाठक ने संवाददाताओं से बातचीत में बताया कि चम्पारण में बाढ़ प्रभावित सड़कों के मरम्मत और नवीनीकरण हेतु सरकारी तंत्र और मिडिया को मुखर होने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि जिले में विगत भारी बारिश से जहां जहां सड़कें टूटी है उसकी मरम्मत करना जरूरी है।उन्होंने बताया की बहुत से ऐसे जगह है जहां का संपर्क टूट गया है।लोगों का अस्पतालों, थानों और अन्य जगहों से सड़क संपर्क टूट गया है। कृषि योग्य भूमि बरबाद हो गयी है। फसलें भी बरबाद हो गईं है। बाढ़ ने किसानों की आर्थिक कमर तोड़ दी है।रही सही कसर सड़क तोड़ कर छोटे छोटे उद्यमियों और आम आदमी को बाधित करके कमर तोड़ दिया ।
इसी परिपेक्ष्य में पुर्व की भांति ही इस बार भी पतलार पंचायत और महूई पंचायत के बड़गो, सेमरा सड़क के मरम्मती हेतु पाठक जी ने मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी और विभाग के बड़े पदाधिकारियों से बात किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ससमय सड़कों की मरम्मती जरूरी है।
साथ ही सिकटा और मैनाटांड़ प्रखण्ड के कई गांवों के सड़क मरम्मत हेतु जिले के अधिकारीयों और राज्य सरकार के बड़े पदाधिकारियों से चर्चा किया।
रामनगर रामरेखा नदी, मसान नदी, और कई छोटी छोटी नदियों का जलस्तर बढ़ जाने के फलस्वरूप कई गांवों जैसे बहुवरी, झरमहुई, इमरती कटहरवा, औसानी बगहां, बैसखवा, मौजे चनपटिया, नुनियापत्ति आदि गांवों की स्थिति दयनीय है, इस सिलसिले में पाठक जी ने वरीय अधिकारीयों से बात किया।
यह सर्वविदित है कि बाबु धाम ट्रस्ट पिछले एक दशकों से अधिक समय से बाढ़ में भी लोगों के सहायतार्थ कार्य करती है।लोगों के बिच आवश्यक सामाग्री से लेकर बहुत चीज निःशुल्क वितरित किया जाता है।विस्थापितों के पुनर्वास के लिए भी ट्रस्ट के संस्थापक एपी पाठक और अध्यक्षा मंजुबाला पाठक आगे आकर कार्य करते रहें है।
बाढ़ प्रभावित सड़कों के मरम्मत हेतु ए. पी.पाठक ने अधिकारीयों से की चर्चा
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