समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली/ जयपुर, 16 जुलाई। राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा के तहत हर पात्र परिवार को पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली के समस्त लाभ उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दिशा में पात्र परिवारों को जन आधार कार्ड से जोड़ने, राशन कार्ड के साथ मिलान करने तथा त्रुटियां दुरूस्त करने के काम को अभियान के रूप में पूरा किया जाए। इससे पात्र लोगों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली की अन्य योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिल सकेगा और लीकेज की संभावनाएं समाप्त होंगी।
मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने 14 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से खाद्य विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर सर्विस डिलीवरी के लिए तकनीक का उपयोग बेहद जरूरी है। जन आधार कार्ड इस दिशा में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसे पहचान पत्र, एड्रेस प्रूफ और पारिवारिक रिलेशन के लिए मान्यता प्रदान की हुई है। ऎसे में जिन लोगों के जन आधार कार्ड नहीं बने हैं या जिनका नाम जुड़ने से रह गया है उनके जन आधार कार्ड जल्द से जल्द बनाए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में की गई घोषणाओं के अनुरूप सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के काम को गति दी जाए। हमारा लक्ष्य रहे कि कोई भी पात्र परिवार पीडीएस के लाभ से वंचित नहीं रहे। उन्होंने कहा कि कोविड जनित परिस्थितियों में कई परिवारों ने अपने आजीविका चलाने वाले सदस्यों को खो दिया है और रोजगार के अभाव में कई परिवारों की आर्थिक स्थिति और तंग हो गई है। ऎसे में सार्वजनिक वितरण प्रणाली से मिलने वाले लाभ उनके लिए बड़ा संबल है। ऎसे सभी पात्र परिवारों को इसका लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।
श्री गहलोत ने कहा कि अन्त्योदय योजना के लिए काफी समय पहले सर्वे हुआ था। ऎसे में जनसंख्या में वृद्धि तथा अन्य कारणों से इस योजना के दायरे में आने वाले लोगों की संख्या बढ़ना स्वाभाविक है। इसे देखते हुए इस योजना में वंचित पात्र परिवारों के नाम जोड़ने तथा दुबारा सर्वे के लिए केंद्र सरकार से समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह एक ऎसी योजना है, जिससे समाज का सबसे निर्धन तबका लाभांवित होता है।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान विभाग की अन्य योजनाओं, बजट घोषणाओं एवं अन्य गतिविधियों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जो जिले शेष रह गए हैं, उनमें उचित मूल्य दुकान आवंटन सलाहकार समितियों का गठन जल्द से जल्द किया जाए। उन्होंने एनएफएसए पोर्टल पर लंबित आवेदनों के निस्तारण का शेष काम शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए। उल्लेखनीय है कि 28 जून, 2021 को हुई बैठक में भी मुख्यमंत्री ने इस संबंध में निर्देश दिए थे, जिसके बाद विभाग ने आवेदनों के निस्तारण का काफी काम पूरा कर लिया है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री श्री सुखराम विश्नोई ने कहा कि विभाग द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा में तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। विभागीय योजनाओं को गति देने के साथ ही प्रभावी मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जा रही है। गाड्र्स सिस्टम के तहत राज्य की सभी 25 हजार 333 उचित मूल्य दुकानों की जिओ टैगिंग की गई है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा आयोजना विभाग के शासन सचिव श्री नवीन जैन ने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के समस्त लाभ जन-आधार कार्ड के माध्यम से उपलब्ध कराने की बजट घोषणा को मूर्त रूप देने के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत सभी लाभार्थी परिवारों को जन-आधार से जोड़ने तथा त्रुटियों को दूर करने का काम जल्द पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। एक जुलाई से प्रदेश के सभी जिलों के 95 ब्लॉक्स में करीब 7.38 लाख परिवारों का डाटा ठीक किए जाने की कार्यवाही की जा रही है।
बैठक में मुख्य सचिव श्री निरंजन आर्य, प्रमुख शासन सचिव वित्त श्री अखिल अरोरा, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के निदेशक श्री ओपी बैरवा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
खाद्य विभाग की समीक्षा बैठक: कोई पात्र परिवार पीडीएस के लाभ से वंचित नहीं रहे: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
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