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नई दिल्ली, 22 दिसंबर। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सुपारी और मसाला विकास निदेशालय द्वारा प्रकाशित पुस्तक, “स्पाइस स्टैटिस्टिक्स एट ए ग्लांस 2021” का विमोचन किया। इस अवसर पर बताया गया कि देश में मसाला उत्पादन वर्ष 2014-15 के 67.64 लाख टन से बढ़कर वर्ष 2020-21 में 60% वृद्धि के साथ करीब 107 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है। मिर्च, अदरक, हल्दी, जीरा आदि प्रमुख मसालों के उत्पादन में शानदार वृद्धि से विदेशी मुद्रा आय 2014-15 के 14899 करोड़ रू. से लगभग दो गुना बढ़कर 2020-21 में 29535 करोड़ रु. मिली है।
केंद्रीय मंत्री श्री तोमर द्वारा विमोचित पुस्तक में, देश में उत्पादित मसालों के सभी आंकड़ों- मसालों के क्षेत्र, उत्पादन-उत्पादकता, निर्यात-आयात, मूल्य व महत्व का विशेष संग्रह है। पुस्तक राष्ट्रीय स्तर पर मसालों के क्षेत्र व उत्पादन अनुमानों के संग्रह और संकलन की नोडल एजेंसी, सुपारी और मसाला विकास निदेशालय, केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रकाशित की गई है।
पुस्तक 2014-15 से 2020-21 के दौरान मसाला क्षेत्र में हासिल की गई उपलब्धि पर प्रकाश डालती है। इस अवधि के दौरान, देश में मसालों का उत्पादन वर्ष 2014-15 के 67.64 लाख टन से बढ़कर वर्ष 2020-21 में 106.79 लाख टन हो गया, जिसमें वार्षिक वृद्धि दर 7.9% रही और यह वृद्धि उत्पादन क्षेत्र में 32.24 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 45.28 लाख हेक्टेयर क्षेत्र होने के कारण हुई। प्रमुख मसालों में जीरा (14.8%), लहसुन (14.7%), अदरक (7.5%), सौंफ (6.8%), धनिया (6.2%), मैथी (5.8%), लाल मिर्च (4.2%), हल्दी (1.3%) के उत्पादन में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है।
उत्पादन में तीव्र वृद्धि से निर्यात के लिए गुणवत्तापूर्ण मसालों की उपलब्धता हुई है। यह मसालों के निर्यात की वृद्धि में परिलक्षित होता है, जो उपरोक्त अवधि के दौरान 14900 करोड़ रु. मूल्य के 8.94 लाख टन से बढ़कर 29535 करोड़ रु. (3.98 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का 16 लाख टन हो गया और यह वृद्धि मात्रा के संदर्भ में 9.8% व मूल्य संदर्भ में 10.5% की वार्षिक वृद्धि है। मसालों का निर्यात सभी बागवानी फसलों से कुल निर्यात आय का 41% योगदान देता है और केवल समुद्री उत्पादों, गैर-बासमती चावल व बासमती चावल के बाद कृषि जिंसों में इसका चौथा स्थान है।
देश में मसालों की उपज में शानदार वृद्धि कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित विभिन्न विकास कार्यक्रमों जैसे एमआईडीएच, आरकेवीवाई, पीकेवीवाई, पीएमकेएसवाई आदि के कारण संभव हुई है। सुपारी और मसाला विकास निदेशालय ने अपने रोपण सामग्री उत्पादन कार्यक्रम एवं प्रौद्योगिकी प्रसार कार्यक्रम के माध्यम से उच्च उपज देने वाली किस्मों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है जिसने देश में गुणवत्तापूर्ण मसाला उत्पादन की भारी वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विशेष रूप से कोरोना महामारी काल में मसालों को स्वास्थ्य पूरक के रूप में मान्यता मिलने के कारण मसालों की मांग में जबरदस्त वृद्धि हुई है जो हल्दी, अदरक, जीरा, मिर्च आदि मसालों के बढ़ते निर्यात में स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है।
केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि यह प्रकाशन सरकार के नीति निर्माताओं और हितधारकों जैसे वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, किसानों आदि द्वारा मसाला क्षेत्र में इस तरह की कार्यनीतिक योजना तैयार करने में उपयोगी होगा। कार्यक्रम में, राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी, कृषि सचिव श्री संजय अग्रवाल, पुस्तक के लेखक- कृषि आयुक्त डा. एस.के. मल्होत्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री तोमर द्वारा “स्पाइस स्टैटिस्टिक्स एट ए ग्लांस 2021” पुस्तक का विमोचन
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