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 एनएमडीसी ने वित्त वर्ष-22 के पहले नौ महीनों में 125 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की

National Mineral Development Corporation (NMDC), the country's largest iron ore producer under the Ministry of Steel, has completed t

समग्र समाचार सेवा

नई दिल्ली, 9 फरवरी। इस्पात मंत्रालय के अधीन देश की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक कंपनी राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) ने वित्तवर्ष-21 के पहले नौ वर्ष में किये गये 8,522 करोड़ रुपये के कारोबार की तुलना में वित्तवर्ष-22 के पहले नौ महीने में 19,179 करोड़ रुपये का कारोबार करके 125 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की है।

10,101 करोड़ रुपये दर्ज किया गया

नौ महीनों के लिये कर पूर्व लाभ (पीबीटी) 10,101 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान के 4,633 पीबीटी की तुलना में 118 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है। वित्तवर्ष-22 के नौ महीने के लिये कर उपरान्त लाभ (पीएटी) में भी इजाफा दर्ज किया गया। वित्तवर्ष-21 के पहले नौ महीने में दर्ज 3,415 करोड़ रुपये पीएटी की तुलना में इस बार पीएटी बढ़कर 7,583 करोड़ रुपये हो गया, जो 122 प्रतिशत अधिक है।

10.65 मिलियन टन लौह अयस्क का उत्पादन

एनएमडीसी ने वित्तवर्ष-22 की पहली तिमाही में 10.65 मिलियन टन (एमटी) लौह अयस्क का उत्पादन किया और 9.85 मिलियन टन (एमटी) लौह अयस्क की बिक्री की। पहली तीन तिमाहियों के लिये समग्र उत्पादन और बिक्री आंकड़े क्रमशः 28.33 एमटी और 28.28 एमटी हैं। नौ महीनों से सम्बंधित उपरोक्त परिचालन और वित्तीय आंकड़े एनएमडीसी के इतिहास में अब तक के सबसे मजबूत आंकड़े हैं।

इतिहास में अब तक का सबसे अधिक लाभांश

एनएमडीसी ने आठ फरवरी, 2022 को आयोजित अपनी बोर्ड बैठक में प्रति शेयर 5.73 रुपये का दूसरा अंतरिम लाभांश घोषित किया। इसके पहले की बोर्ड बैठक में घोषित प्रति शेयर 9.01 रुपये के पहले अंतरिम लाभांश को देखते हुये, वित्तवर्ष 2021-2022 के लिये प्रति शेयर कुल लाभांश 14.74 रुपये हो गया है। यह एनएमडीसी के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक लाभांश है। लाभांश के रूप में 4,320 करोड़ रुपये की नकदी खर्च होगी।

एनएमडीसी के अध्यक्ष ने क्या कहा?

कंपनी के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुये एनएमडीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सुमित देब ने कहा, “चुनौतीपूर्ण समय में बढ़े हुये उत्पादन के कारण ऐसा जबरदस्त प्रदर्शन संभव हुआ है। इस वित्तवर्ष में हमें अपना उत्पादन लक्ष्य पूरा कर लेना चाहिये। हम महत्त्वपूर्ण पूंजीगत व्यय परियोजनाओं को पूरा करने तथा अपनी तैयारियों का डिजिटलीकरण और यांत्रिकीकरण करने के लिये लगातार प्रतिबद्ध हैं।”

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