| समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 2 अप्रैल। देश में कोरोना वायरस के मामले अब कम होने लगे हैं। जिसके चलते देश भर में कोविड गाइडलाइंस में ढील भी दी जा रही है। इस बीच भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की वैज्ञानिक प्रज्ञा यादव की कोरोना वायरस के हालातों को लेकर प्रतिक्रिया आई है। आईसीएमआर की वैज्ञानिक प्रज्ञा यादव ने कहा कि भारत ने अभी तक विषम मिश्रित टीके की खुराक पर कोई नैदानिक परीक्षण नहीं किया है, लेकिन अमेरिका में दो अध्ययन किए गए थे, जिनमें बेहतर रोग प्रतिरोध क्षमता दिखी थी। यूपी में भी जिन लोगों को मिश्रित खुराक दी गई थी, उनमें भी वैसे ही लक्षण दिखाई दिए। संसाधनों को जमा करके हमने पाया काबू साथ ही आईसीएमआर की वैज्ञानिक प्रज्ञा यादव ने बताया कि जैसे ही चीन ने अपने शुरुआती कोविड मामलों की रिपोर्ट करना शुरू किया। वैसे ही एनआईवी ने परीक्षण की तैयारी शुरू कर दी और वुहान से लौटे छात्रों में भारत में पहले 3 मामलों का पता लगाया। हमें पता था कि महामारी आ रही है और भारत को इससे निपटने के लिए संसाधनों को जमा करना होगा और हमने वैसा ही किया। ओमिक्रोन पर दी जानकारी इसके अलावा उन्होंने कहा कि हम ओमिक्रोन से काफी आशंकित थे, लेकिन जनवरी के बाद हमें राहत मिली। जब अधिकांश मामले अलक्षणी व हल्के लक्षण वाले थे। कम मृत्यु दर के साथ कोविड संस्करण प्रभावशाली नहीं था। बड़े पैमाने पर टीकाकरण और वेरिएंट पर शोध ऐसे कारण थे, जिनसे हमने ओमिक्रोन पर काबू पाया। बीते 24 घंटे में मिले 1,260 नए मामले स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार बीते 24 घंटे में कोरोना के 1,260 नए मामले सामने आए हैं, कल 1335 नए केस मिले थे। वहीं 1,404 लोग इस दौरान कोरोना को मात देकर ठीक हुए हैं और 83 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। अब कुल कोरोना मामले 4,30,27,035 हो गए हैं और कुल मौतों की संख्या बढ़कर 5,21,264 हो गई है। |
भारत ने कोरोना पर पाया काबू, आईसीएमआर ने इस लड़ाई में निभाई महत्वपूर्ण भूमिकाः
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