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दिग्विजय सिंह ने पार्टी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने का फैसला लिया ,आज पहुंचेंगे दिल्ली

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली ,29 सितंबर।कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पार्टी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने का फैसला किया है, जिसके लिए 17 अक्टूबर को चुनाव होना है. एएनआई के मुताबिक दिग्विजय सिंह आज गुरुवार को दिल्ली पहुंचेंगे और सेंट्रल एलेक्शन अथॉरिटी से नॉमिनेशन फॉर्म लेंगे. बताया गया कि इस संबंध में सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं. हालांकि सिंह फिर भी आज अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल नहीं कर करेंगे. दरअसल मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम सिंह अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन 30 सितंबर को दाखिल करेंगे, क्योंकि सेंट्रल एलेक्शन अथॉरिटी चेयरमैन अभी दिल्ली से बाहर से हैं.

राजस्थान में सियासी ड्रामे के बाद बदला समीकरण
इससे पहले सिंह के करीबी सूत्रों ने कहा कि चुनाव लड़ने का फैसला उनका निजी है, गांधी परिवार से किसी ने भी उन्हें ऐसा करने के लिए नहीं कहा है. कांग्रेस सबसे पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पार्टी के शीर्ष पद के लिए मैदान में उतारने की सोच रही थी, लेकिन राजस्थान में हाई-वोल्टेज ड्रामे ने गांधी परिवार को नाराज कर दिया.

अभी तक शशि थरूर और पवन बंसल ने लिया फॉर्म
इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने कहा कि गहलोत को अभी दौड़ से बाहर नहीं किया गया है. वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस कोषाध्यक्ष पवन कुमार बंसल ने पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण (सीईए) से नामांकन फॉर्म लिया है. अपनी ओर से बंसल ने कहा कि वह केवल एक प्रस्तावक हैं, उम्मीदवार नहीं. सीईए के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री ने मंगलवार को कहा था, अब तक शशि थरूर और पवन बंसल ने सीईए से नामांकन फॉर्म लिया है.

चुनाव लड़ने से पीछे हटे कमलनाथ
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ जिनका नाम भी सामने आया था और उन्होंने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी, उन्होंने कहा कि, वह पार्टी प्रमुख नहीं बनना चाहते हैं, और मध्य प्रदेश में पार्टी के लिए काम करना जारी रखना चाहते हैं.

कांग्रेस का प्लान बी
राजस्थान में ड्रामे ने कांग्रेस नेतृत्व को पार्टी के शीर्ष पद के लिए ‘प्लान बी’ के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया है. इससे पहले गहलोत को एक दावेदार के रूप में देखा जा रहा था. उनके प्रति वफादार उनके विधायकों द्वारा खुली अवहेलना ने कांग्रेस हाईकमान को नाराज कर दिया और ऐसा लगता है इस रेस से भी गहलोत को बाहर कर दिया है.

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