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रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना के कोर ऑफ इंजीनियर्स के लिए 2,585 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि के 41 स्वदेशी मॉड्यूलर पुलों की खरीद के लिए एलएंडटी के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली ,9 फरवरी।रक्षा मंत्रालय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत दृष्टिकोण के तहत रक्षा उपकरणों के स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में मंत्रालय ने भारतीय सेना के कोर ऑफ इंजीनियर्स के लिए मॉड्यूलर पुलों के 41 सेट के स्वदेशी निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। इन बहुउपयोगी एवं परिवर्तनकारी पुलों को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा डिजाइन तथा विकसित किया गया है। मॉड्यूलर पुलों को लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) द्वारा डीआरडीओ-नामित उत्पादन एजेंसी के रूप में तैयार किया जाएगा। मॉड्यूलर ब्रिज की खरीद के लिए 08 फरवरी, 2023 को एलएंडटी के साथ 2,585 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत पर अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए।

मॉड्यूलर ब्रिज के प्रत्येक सेट में 8×8 हैवी मोबिलिटी व्हीकल पर आधारित सात कैरियर व्हीकल और 10×10 हेवी मोबिलिटी व्हीकल पर लगने वाले दो लॉन्चर व्हीकल शामिल होंगे। प्रत्येक सेट यांत्रिक रूप से एकल मेहराब में पूरी तरह से 46-मीटर असॉल्ट ब्रिज को स्थाई आकार प्रदान करने में सक्षम होगा। पुल को त्वरित लॉन्चिंग और पुनर्प्राप्ति क्षमताओं के साथ नहरों एवं खाइयों जैसी विभिन्न प्रकार की बाधाओं पर काबू पाने के लिए स्थापित किया जा सकता है। यह अत्यधिक सचल है, बहुमुखी है और पहिएदार तथा किसी भी तरह की परिस्थितियों में इस्तेमाल करने में सक्षम है। मॉड्यूलर ब्रिज ट्रैक किए गए यंत्रीकृत वाहनों के साथ तालमेल रखने में सक्षम है।

मॉड्यूलर ब्रिज मैन्युअल रूप से लॉन्च किए गए मध्यम गर्डर ब्रिज (एमजीबी) का स्थान लेंगे, जो वर्तमान में भारतीय सेना में उपयोग किए जा रहे हैं। एमजीबी की तुलना में स्वदेशी रूप से डिजाइन एवं निर्मित मॉड्यूलर ब्रिज के कई फायदे होंगे जैसे कि इनके बढ़े हुए मेहराब, निर्माण के लिए कम समय और रिट्रीवल क्षमता के साथ मैकेनिकल लॉन्चिंग। इन पुलों की खरीद से पश्चिमी मोर्चे पर भारतीय सेना की ब्रिजिंग क्षमता को काफी बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना विश्व स्तरीय सैन्य उपकरणों के डिजाइन एवं विकास में भारत की प्रगति को प्रदर्शित करेगी और मित्र देशों को रक्षा निर्यात बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।

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