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राज्यसभा में चंद्रयान-3 की सफलता सहित भारत की गरिमापूर्ण अंतरिक्ष यात्रा पर हुई चर्चा

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,20सिंतबर। राज्‍यसभा में चंद्रयान-3 की सफल सॉफ्ट लैंडिंग सहित भारत की गरिमापूर्ण अंतरिक्ष यात्रा पर चर्चा शुरू हो गयी है। आज सुबह जैसे ही सदन की बैठक शुरू हुई सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि भारत विश्‍व में मात्र चौथा राष्‍ट्र है, जिसने चंद्रमा पर अंतरिक्ष यान की सॉफ्ट लैंडिंग कराई है। उन्‍होंने कहा कि भारत ऐसा पहला देश है, जिसने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर यान उतारा है। चंद्रयान और मंगलयान मिशन तथा इसरो के सोलर मिशन आदित्‍य एल-1 की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए जगदीप धनखड़ ने कहा कि भारत ने दुनिया को दिखा दिया है कि आसमान कोई सीमा नहीं है, लेकिन यह अभी एक शुरूआत मात्र है।

बहस की शुरूआत करते हुए केंद्रीय मंत्री और सदन के नेता पीयूष गोयल ने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, इसरो ने चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग से राष्ट्र का गौरव बढ़ाया है। उन्‍होंने कहा कि भारत ने दुनिया के अन्‍य देशों की तुलना में कम लागत पर अंतरिक्ष की उपलब्धियां हासिल की है उन्‍होंने कहा कि कई देशों में भारत के अंतरिक्ष अभियान में शामिल होने की इच्‍छा व्‍यक्‍त की है। चर्चा में हिस्‍सा लेते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि विक्रम साराभाई ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की स्‍थापना की थी जिससे भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम को बल मिला। जयराम रमेश ने कहा कि चंद्रयान-3 की सफलता पिछले छ: दशकों में हासिल क्षमताओं पर आधारित है।

केंद्रीय अंतरिक्ष मंत्री डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कहा चंद्रयान-3 मिशन की सफलता विज्ञान और वैज्ञानिकों के लिए उत्‍सव का क्षण है। उन्‍होंने कहा कि भारतीय वैज्ञानिक प्रतिभाशाली और क्षमतावान हैं। उन्‍होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में अंतरिक्ष विभाग के लिए बजट आवंटन में 142 प्रतिशत बढ़ोतरी की है। उन्‍होंने बताया कि बजट आवंटन 2013-14 में मात्र 5 हजार एक सौ 68 करोड रूपये था। जबकि वर्तमान वित्तीय वर्ष में यह बढ़कर करीब 13 हजार करोड रूपये हो गया है।

तृणमूल कांग्रेस के जवाहर सरकार, डीएमके नेता तिरूचि शिवा और आम पार्टी के संदीप कुमार पाठक ने भी चर्चा में हिस्‍सा लिया। बहस अभी जारी रहेगी।

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