समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,27 जनवरी। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज कहा “जीवन का प्रत्येक क्षेत्र बालिकाओं के विकास, इसके प्रति प्रतिबद्धता और भागीदारी से जुड़ा हुआ है। हमारी बालिकाएँ हमारी युवा शक्ति का महत्वपूर्ण अंग हैं”।
संसद भवन में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति धनखड़ ने गणतंत्र दिवस परेड में बालिकाओं और महिला प्रतिभागियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की।
उन्होंने संसद और राज्य विधानमंडल में महिलाओं के लिए पारित किये गए एक तिहाई आरक्षण के प्रावधान पर भी प्रसन्नता व्यक्त की और इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया।
देश में वर्तमान पारिस्थितिकी तंत्र की ओर ध्यान केन्द्रित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज भ्रष्टाचार और बिचौलियों को हटा दिया गया है और युवाओं के पास अपनी क्षमता को समझने व प्रदर्शित करने लिए अपार अवसर हैं। उन्होंने रेखांकित किया, “भ्रष्टाचार की निरंकुशता को लोकतंत्र के योग्यता तंत्र में परिवर्तित कर दिया गया है”।
युवाओं को वर्ष 2047 के भारत के निर्माण पथ पर अग्रसर सैनिक और वास्तुकार प्रबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति धनखड़ ने उपस्थित युवा स्वयंसेवकों से नवोन्वेषी बने रहने और अनुसंधान एवं उद्यमिता पर ध्यान केंद्रित करने व गर्वित भारतीय होने के साथ सदैव राष्ट्र प्रथम की भावना रखने का आह्वान किया।
इस आयोजित कार्यक्रम में युवा मामले और खेल मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री, निसिथ प्रमाणिक, राज्यसभा के सचिव रजित पुन्हानी, युवा मामले और खेल मंत्रालय की सचिव मीता राजीवलोचन, और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। इस बातचीत के बाद सभी एनएसएस स्वयंसेवकों को नवीन संसद भवन का मार्गदर्शक सहित दौरा कराया गया।
दस साल में यह बड़ा परिवर्तन आया है कि –
1- Youth के लिए भ्रष्टाचार नहीं है,
2- कानून के सामने समानता है,
3- Nepotism , favouritism की जगह, meritocracy है!Autocracy of corruption has been replaced by meritocracy of Democracy! #NSS @_NSSIndia pic.twitter.com/9AdpBqGQkt
— Vice-President of India (@VPIndia) January 27, 2024
