इंद्र वशिष्ठ,
सीबीआई ने आकर्षक नौकरियों की आड़ में भारत के युवाओं को रूस-यूक्रेन युद्ध क्षेत्र में झोंक देने वाले मानव तस्करों के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
ये मानव तस्कर देश भर में एक संगठित नेटवर्क के रूप में काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया , यूट्यूब चैनलों और अपने स्थानीय संपर्कों/एजेंटों के माध्यम से भारतीय नागरिकों को रूस में उच्च वेतन वाली नौकरियों का लालच देकर फंसा रहे थे। इसके बाद, तस्करी करके लाए गए भारतीय नागरिकों को लड़ाके/लड़ाकू के रूप में यानी युद्ध में लड़ने के लिए प्रशिक्षित किया गया। उनको उनकी इच्छा के विरुद्ध रूस-यूक्रेन युद्ध क्षेत्र में अग्रिम ठिकानों पर तैनात किया गया, जिससे उनका जीवन गंभीर खतरे में पड़ गया। यह पता चला है कि युद्ध क्षेत्र में कुछ पीड़ित गंभीर रूप से घायल भी हुए थे।
सीबीआई द्वारा इस सिलसिले में 07 शहरों दिल्ली, तिरुवनंतपुरम, मुंबई, अंबाला, चंडीगढ़, मदुरै और चेन्नई में 13 से अधिक स्थानों पर तलाशी/छापेमारी की गई।
सीबीआई ने मैसर्स 24×7 आरएएस ओवरसीज़ फॉउण्डेशन, केजी मार्ग, नई दिल्ली के डायरेक्टर सुयश मुक्त, मुंबई की मैसर्स ओएसडी ट्रैवल एंड वीज़ा सर्विस के डायरेक्टर राकेश पांडेय, चंडीगढ़ की मैसर्स एडवेंचर वीज़ा सर्विस के डायरेक्टर मंजीत सिंह और दुबई की बाबा वलॉग ओवरसीज़ रिक्रूटमेंट सोल्युशन कंपनी के डायरेक्टर फैसल अब्दुल मुतलीब खान उर्फ बाबा तथा अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सीबीआई द्वारा अब तक 50 लाख रुपये, आपत्तिजनक दस्तावेज और लैपटॉप, मोबाइल फोन, डेस्कटॉप, सीसीटीवी फुटेज जैसे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड आदि जब्त किए गए। विभिन्न स्थानों पर पूछताछ के लिए कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।
अब तक पीड़ितों को विदेश भेजे जाने के लगभग 35 मामले स्थापित हो चुके हैं।
आम जनता से अपील है कि वे संदिग्ध भर्ती एजेंसियों और एजेंटों द्वारा नौकरियों के ऐसे झूठे वादों के झांसे में न आएं।
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