समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,27 नवम्बर। हैदराबाद शहर, अपनी सांस्कृतिक धरोहर और बिरयानी के लिए मशहूर है, लेकिन यहां एक गंभीर समस्या ने समाज को झकझोर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां कम उम्र की लड़कियों की ‘टाइमपास शादियां’ कराई जाती हैं, जहां मुख्य ग्राहक खाड़ी देशों के अमीर शेख होते हैं। इन शादियों की अवधि कुछ दिनों या हफ्तों की होती है, जिसके बाद लड़की को छोड़ दिया जाता है।
कैसे होता है यह काम?
दलाल, काज़ी और स्थानीय नेटवर्क मिलकर लड़कियों को ‘शेखों’ तक पहुंचाते हैं। कई बार, इन लड़कियों को ‘पैकेज डील’ के तहत बेचा जाता है। शादी के लिए एजेंट और परिवार को पैसे दिए जाते हैं। उदाहरण के तौर पर, एक लड़की के परिवार को 30,000 रुपये और काज़ी या एजेंट को 50,000 रुपये तक मिल सकते हैं। शादी के लिए पुराने कपड़े और नाइटगाउन तक का इंतजाम भी किया जाता है
‘टाइमपास निकाह’ का असर
इन नकली शादियों में लड़कियों का मानसिक और शारीरिक शोषण होता है। कई बार, पीड़ितों को अपने अधिकारों की जानकारी नहीं होती। पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कुछ मामलों को उजागर किया है, लेकिन यह समस्या व्यापक रूप से बनी हुई है।
क्या हो रहा है समाधान के लिए?
हाल के वर्षों में, पुलिस ने दलालों और एजेंटों पर कार्रवाई शुरू की है। जागरूकता बढ़ाने और इस प्रकार की गतिविधियों को रोकने के लिए कई एनजीओ भी काम कर रहे हैं। लेकिन, समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव है जब पीड़ितों और उनके परिवारों को शिक्षा और सामाजिक समर्थन मिले।
यह समस्या न केवल समाज के नैतिक ताने-बाने को कमजोर करती है, बल्कि लड़कियों के जीवन को भी संकट में डालती है। यह ज़रूरी है कि सरकार और समाज मिलकर इन घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कदम उठाएं।