समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 4 फरवरी। हाल ही में सरकार द्वारा आयकर प्रणाली को लेकर कई बदलाव किए गए हैं, जिससे कई करदाताओं के मन में भ्रम की स्थिति बन गई है। खासतौर पर यह सवाल सबसे ज्यादा उठ रहा है कि “अगर 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं है, तो 4 से 8 लाख रुपये पर 5% का टैक्स स्लैब क्यों रखा गया है?” अगर आप भी इस उलझन में हैं, तो इस लेख में पूरी जानकारी विस्तार से समझिए।
क्या सच में 12 लाख तक कोई टैक्स नहीं है?
सरकार ने नए टैक्स सिस्टम में “छूट” और “टैक्स स्लैब” दोनों को शामिल किया है। नए टैक्स सिस्टम के अनुसार:
- 7 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा – क्योंकि इस पर ₹50,000 की स्टैंडर्ड डिडक्शन और ₹7 लाख तक की आय पर 100% टैक्स रिबेट (धारा 87A के तहत) मिलता है।
- 12 लाख रुपये तक की आय पर भी टैक्स ज़ीरो हो सकता है – लेकिन यह तभी संभव है, जब आप सही तरीके से टैक्स स्लैब और छूट का फायदा उठाएं।
तो 4 से 8 लाख पर 5% टैक्स क्यों?
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि टैक्स स्लैब अलग चीज़ है और अंतिम देय टैक्स (effective tax) अलग।
- 4 से 8 लाख रुपये तक की आय पर 5% टैक्स स्लैब लागू है।
- लेकिन अगर आपकी कुल आय 7 लाख रुपये तक है, तो धारा 87A के तहत आपको 100% टैक्स छूट मिल जाएगी, और आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा।
- यदि आपकी आय 8 लाख रुपये या उससे ज्यादा है, तो आपको 4 से 8 लाख के बीच के हिस्से पर 5% टैक्स देना होगा।
उदाहरण से समझें:
| कुल आय |
स्टैंडर्ड डिडक्शन (₹50,000) |
टैक्सेबल इनकम |
टैक्स स्लैब के हिसाब से देय टैक्स |
धारा 87A छूट |
अंतिम टैक्स |
| ₹7 लाख |
₹50,000 |
₹6.5 लाख |
₹13,000 (5% पर) |
₹13,000 |
₹0 |
| ₹8 लाख |
₹50,000 |
₹7.5 लाख |
₹15,000 (5% पर) |
₹0 |
₹15,000 |
| ₹12 लाख |
₹50,000 |
₹11.5 लाख |
स्लैब के अनुसार लागू |
₹0 |
अलग-अलग |
कन्फ्यूजन क्यों हो रहा है?
- सरकार 7 लाख रुपये तक की आय पर 100% छूट दे रही है, लेकिन टैक्स स्लैब अभी भी मौजूद हैं।
- इसका मतलब यह हुआ कि 8 लाख या उससे अधिक आय वालों को टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होगा।
- यदि आपकी आय 7 लाख से कम है, तो आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा, लेकिन 8 लाख से ऊपर होने पर आपको छूट का फायदा नहीं मिलेगा और स्लैब के अनुसार टैक्स भरना होगा।
निष्कर्ष
अगर आपकी आय 7 लाख रुपये तक है, तो आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा, लेकिन यदि आपकी आय 8 लाख या उससे अधिक है, तो आपको टैक्स स्लैब के अनुसार कर चुकाना पड़ेगा। यही कारण है कि 4 से 8 लाख पर 5% टैक्स स्लैब बना हुआ है।
अगर आप टैक्स बचाना चाहते हैं, तो निवेश योजनाओं का सही इस्तेमाल करें और पुरानी टैक्स व्यवस्था (अगर ज्यादा छूट मिल रही हो) या नई टैक्स व्यवस्था (अगर सरलता चाहिए) में से सही विकल्प चुनें।