समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,27 फरवरी। वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के कारण मंगलवार को सोने की कीमतें अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर के करीब बनी रहीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड $2,950.39 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जो इसके रिकॉर्ड हाई $2,956.15 प्रति औंस से सिर्फ $6 नीचे था। वहीं, अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.1% बढ़कर $2,967.40 प्रति औंस पर पहुंच गया।
भारत में सोने की कीमतों में उछाल
भारत में भी सोने की कीमतों में तेजी जारी रही।
- 24 कैरेट सोना: ₹87,880 प्रति 10 ग्राम
- 22 कैरेट सोना: ₹80,560 प्रति 10 ग्राम
विश्लेषकों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव, मुद्रास्फीति की चिंताएं और अमेरिका में आसन्न टैरिफ फैसलों के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश (safe-haven asset) के रूप में सोने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
सोने की कीमतों को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक
- अमेरिकी टैरिफ नीति: निवेशक 4 मार्च की समय सीमा पर नजर रखे हुए हैं, जब अमेरिका मैक्सिको और कनाडा से आयात पर टैरिफ बढ़ाने का फैसला कर सकता है।
- फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति: अमेरिकी केंद्रीय बैंक (Fed) की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता सोने की मांग को प्रभावित कर रही है।
- भू-राजनीतिक तनाव: रूस-यूक्रेन युद्ध, इस्राइल-हमास संघर्ष और वैश्विक अनिश्चितता के कारण सोने की कीमतों में मजबूती बनी हुई है।
बाजार पूर्वानुमान
- कमाय ज्वेलरी के एमडी कॉलिन शाह के अनुसार, मौजूदा आर्थिक अस्थिरता के चलते सोना जल्द ही $3,000 प्रति औंस के स्तर को छू सकता है।
- मेहता इक्विटीज के वीपी राहुल कलंत्री ने कहा कि ETF निवेश और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग सोने की कीमतों को समर्थन दे रही है।
समर्थन और प्रतिरोध स्तर
अमेरिकी डॉलर में सोने की कीमतें
- समर्थन स्तर: $2,927 – $2,895 प्रति औंस
- प्रतिरोध स्तर: $2,958 – $2,975 प्रति औंस
भारतीय रुपये में सोने की कीमतें
- समर्थन स्तर: ₹85,850 – ₹85,620 प्रति 10 ग्राम
- प्रतिरोध स्तर: ₹86,510 – ₹86,740 प्रति 10 ग्राम
क्या सोने में निवेश फायदेमंद रहेगा?
विश्लेषकों का मानना है कि आर्थिक अस्थिरता जारी रहने की स्थिति में सोने की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है। ऐसे में लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना एक सुरक्षित और आकर्षक विकल्प बना रहेगा।