पीड़ित किसान ने बताया कि यह घटना 22 तारीख की रात लगभग 8 बजे की है, जब वह अपनी बाइक से इंदरगढ़ से अपने गांव लौट रहे थे। रास्ते में नारायण का बेटा और कुछ अन्य दबंग पहले से घात लगाए खड़े थे। किसान ने जैसे ही पुल के पास पहुंचा, इन लोगों ने उसे घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद किसान को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।
किसान के अनुसार, दबंगों ने पहले भी रंगदारी मांगी थी और जब उसने इनकार किया तो उसे निशाना बनाया गया। सबसे भयावह बात यह थी कि इस हमले के कुछ ही घंटों बाद किसान के चाचा की जलाकर हत्या कर दी गई।
पीड़ित ने घटना के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित किसान का कहना है कि उसने पुलिस अधीक्षक कार्यालय जाकर अपनी व्यथा सुनाई, लेकिन अब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
पीड़ित ने कहा, “हम लगातार पुलिस से न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन दबंग हमें और हमारे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। हमारी चाची को भी धमकाया गया है। अगर हमें न्याय नहीं मिला, तो हम आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।”
इस घटना के बाद पूरे गांव में भय का माहौल है। स्थानीय निवासी बिपिन ने बताया कि “हमने देखा कि चार-पांच लोग मिलकर किसान को बेरहमी से पीट रहे थे, लेकिन हम कुछ नहीं कर सके क्योंकि दबंगों ने पूरे गांव को डरा रखा है।”
ग्रामीणों के अनुसार, यह कोई पहली घटना नहीं है। क्षेत्र में दबंगों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, जिससे गरीब और छोटे किसान सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। प्रशासन की लापरवाही के कारण ऐसे अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।
इस घटना ने कन्नौज में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों और पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
अगर पुलिस और प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया, तो भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है। पीड़ित परिवार ने राज्य सरकार और उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है, ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिले और भविष्य में कोई और निर्दोष किसान इस तरह की बर्बरता का शिकार न बने।