समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली/वॉशिंगटन,18 मार्च। भारत ने अमेरिका से ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (SFJ) को आतंकवादी संगठन घोषित करने की आधिकारिक मांग की है। यह अनुरोध अमेरिका की डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस (DNI) तुलसी गेबार्ड को सौंपा गया है, जो अमेरिका की खुफिया एजेंसियों की प्रमुख हैं।
SFJ लंबे समय से भारत-विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहा है और खालिस्तान आंदोलन को उकसाने के लिए सक्रिय रूप से वित्तीय व लॉजिस्टिक समर्थन दे रहा है। भारत सरकार ने SFJ को पहले ही गैर-कानूनी संगठन घोषित कर रखा है और उसके प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू पर कई गंभीर आरोप हैं।
SFJ की गतिविधियों ने हाल के वर्षों में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। संगठन खुले तौर पर खालिस्तान जनमत संग्रह की वकालत करता है और भारत के पंजाब व अन्य राज्यों में अलगाववादी आंदोलन को भड़काने के लिए विदेशी धरती से ऑपरेट करता है।
गुरपतवंत सिंह पन्नू, जो SFJ का मुखिया है, भारत-विरोधी भाषणों और डिजिटल माध्यमों से युवाओं को भड़काने के लिए कुख्यात है।
SFJ को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों से भी समर्थन मिलने की खबरें आती रही हैं।
संगठन अमेरिका, कनाडा, यूके और अन्य देशों में भारत-विरोधी प्रदर्शन आयोजित करता है और फंडिंग जुटाने में सक्रिय है।
भारत ने इस मामले में अमेरिका से SFJ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है और संगठन को आतंकवादी सूची में डालने की अपील की है। भारत पहले ही SFJ पर कई बैन और प्रतिबंध लगा चुका है, लेकिन अब अमेरिका से भी समान कदम उठाने का आग्रह किया गया है।
DNI प्रमुख तुलसी गेबार्ड के समक्ष भारत की ओर से निम्नलिखित बिंदु उठाए गए:
SFJ की गतिविधियां अमेरिका-भारत संबंधों के लिए खतरा हैं।
SFJ की फंडिंग और ऑपरेशन पर कड़ी जांच होनी चाहिए।
SFJ को आधिकारिक तौर पर एक ‘आतंकी संगठन’ घोषित किया जाए।
अब सवाल यह है कि अमेरिका इस पर क्या रुख अपनाएगा?
- DNI प्रमुख तुलसी गेबार्ड को यह मामला सौंपे जाने से यह सीधे अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के दायरे में आ गया है।
- अमेरिका पहले ही कई कट्टरपंथी संगठनों को प्रतिबंधित कर चुका है, ऐसे में SFJ पर बैन लगाना कोई असंभव कदम नहीं होगा।
- अगर SFJ को अमेरिका आतंकी संगठन घोषित करता है, तो उसकी फंडिंग, प्रचार और गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा।
SFJ को लेकर भारत अब और ज्यादा सख्ती बरत रहा है और अमेरिका से समर्थन की मांग कर रहा है। अगर अमेरिका SFJ को आतंकवादी संगठन घोषित करता है, तो यह भारत की एक बड़ी कूटनीतिक जीत होगी और खालिस्तानी गतिविधियों पर करारा प्रहार भी।अब देखने वाली बात यह होगी कि DNI प्रमुख तुलसी गेबार्ड और बाइडेन प्रशासन इस पर क्या कदम उठाते हैं?
